बहरे जुल्मात में घोड़े दौड़ाने वाले मुसलमान, इकबाल ने जिन पर लिखा-”दश्त तो दश्त दरिया भी न छोड़े हमने…

खुर्शीद अहमद   “दश्त तो दश्त है दरिया भी न छोड़े हमने बहरे ज़ुल्मात में दौड़ा दिए घोड़े हमने “. अल्लामा इकबाल का एक कलाम है शिकवा, जिसका ये बड़ा…