इस बार मैदानी इलाकों में पांच डिग्री ज्यादा झेलना होगी गर्मी, मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कारण

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मनमीत

वक्त से पहले गर्मी और लू जैसा अंधड़। मौसम को यह मिजाज आने वाले दिनों में परेशानी पैदा करेगा। इसकी वजह है कि इस साल सर्दियों में हिमालय पर कम बर्फ गिरी, जिसके चलते न तो ग्लेशियर रिचार्ज हो पाए और न ही चोटियों में प्रयाप्त हिमपात हुआ।

इसका खामियाजा महज हिमालय बेसिन के क्षेत्र ही नहीं झेलेंगे, बल्कि भारत के मैदानी इलाकों में भी इस बार भीषण गर्मी होगी।

मौसम विज्ञानिकों के अनुसार, मैदानों में इस बार तापमान सामान्य से पांच डिग्री तक ज्यादा रह सकता है। देहरादून, भोपाल और जयपुर में तो फरवरी माह में ही तापमान ने रिकाॅर्ड तोड़ दिया है।


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मध्य भारत, उत्तरी भारत और पश्चिम भारत में बारिश होने का सबसे बडा कारण भूमध्य सागर से आने वाली बारिश है। जिसे पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) कहते हैं। ये वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (डब्ल्यूडी) ही हिमालय को बर्फीला रखने का मुख्य कारण भी है। डब्ल्यूडी का मूवमेंट जितना कम भारत की तरफ होगा, उतनी ही बारिश मैदानों में होगी और पर्वतों में हिमपात पर भी असर होगा।

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार डब्ल्यूडी का मूवमेंट भारत की तरफ बेहद कम रहा। जिसके चलते हिमालय के ग्लेशियर तक गर्म हो गए। इसके चलते उत्तराखंड में तपोवन रैणी आपदा भी आई। जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और अरबों रुपए के प्रोजेक्ट तबाह हो गए।


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यही नहीं, हिमालय में बर्फ की इस बेरुखी का खामियाजा अब भारत के मैदानी इलाके भी झेलेंगे। ग्लेशियर वैज्ञानिक डॉ. डीपी डोभाल बताते हैं कि दो साल पूर्व केदारनाथ में कुल 55 फीट हिमपात हुआ था, जबकि गत साल 47 फीट। इस बार 15 फीट से भी कम हिमपात हुआ है और बर्फ फरवरी माह के अंत तक पिघल भी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह का कहना कि इस बार मैदानों में गर्मी ज्यादा होने की संभावनाहै। तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा रहने का अनुमान है। देहरादून में फरवरी में गर्मी का रिकाॅर्ड टूट गया है। गुरूवार को दून का तापमान अधिकतम 31 डिग्री रहा। जो पिछले दस सालों में सबसे गर्म दिन रहा।

रविवार को हो सकती है बारिश-हिमपात

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, रविवार को उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में बारिश और उंचाई वाले इलाकों में हिमपात हो सकता है। हालांकि इससे आने वाले दिनों में तापमान में ज्यादा राहत नहीं मिलेगी और उसके बाद धूप तेज होगी।

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