16 झंडे वाला वह देश, जो कोरोना वायरस से मुक्त हो चुका है

– शब्या सिंह तोमर

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के नए नए रूप से घबराहट का माहौल है। इस बीच कई वैक्सीन भी लांच हो चुकी हैं, जिससे राहत मिले। तमाम देश इस जिद्दोजहद में डटे हुए हैं कि कैसे ही यह आफत खत्म हो और चैन की सांस ले सकें।

इस बीच एक देश कोरोना से मुक्त भी हो गया, ये खुशखबरी है। यह पहला देश है, जहां टीकाकरण भी हो गया। वैक्सीनेशन शुरू कराने वाला पहला देश है यह।

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देश का नाम है पलाऊ गणराज्य। बहुत ही खूबसूरत देश। न सिर्फ अपनी लोकेशन से, बल्कि इतिहास और बनावट में भी। यह देश पश्चिमी प्रशांत महासागर में मौजूद है, जहां लगभग 18 हजार लोगों की आबादी है।

यहां कोरोना वायरस का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ।

जिस वक्त दुनिया कोरोना वायरस को लेकर गफलत में जी रही थी, पलाऊ की सरकार ने बंदोबस्त चाकचौबंद कर दिया। पलाऊ ने पिछले साल जनवरी में ही सीमा नियंत्रण लागू करना शुरू कर दिया था। जबकि मार्च आते-आते दुनिया में हाहाकार मच गया और सभी जगह आनन फानन में लॉकडाउन से लेकर तमाम भयावह हालात दिखाई दिए।

पलाऊ ने अप्रैल में सभी की टैस्टिंग करा डाली, जिसमें सभी लाेग निगेटिव पाए गए। यहां भारत सहित कई देशों ने परीक्षण किट भेजीं। यहां की सरकार इसके बाद भी हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी रही।

वैक्सीन की लांचिंग होते ही, बचा खुचा काम भी कर डाला। नए साल की शुरुआत के समय अमेरिका से मोडेर्ना वैक्सीन की 2,800 खुराक पलाऊ के स्वास्थ्य मंत्री एमा रॉबर्ट्स ने हासिल कीं और वैक्सीनेशन शुरू करा दिया। यहां की सरकार ने कुल 30 हजार खुराक की डिमांड भेजी है, जो अगले दिन महीने में मिलेंगी, जबकि आबादी 18 हजार ही है।

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25 लोगों के प्रदेश वाला देश

चलिए इस देश को और नजदीक से जानने की कोशिश करते हैं। यह देश दरअसल एक द्वीप समूह है, जिसमें 340 द्वीप हैं। इसमें कुल सोलह राज्य हैं, जिनके झंडे भी अलग-अलग हैं। इस देश का कुल क्षेत्रफल 604 वर्ग किलोमीटर है। कोरोर यहां का सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है, यहां की आबादी 11444 है, इसका क्षेत्रफल लगभग 60.52 वर्ग किलोमीटर है।

सबसे कम आबादी वाला राज्य हैतोहोबेई है, यहां की आबादी केवल 25 है। इतने लोग तो किसी छोटे मोटे दफ्तर में होते हैं, इस राज्य का क्षेत्रफल 900 वर्ग मीटर है। प्रशासनिक राज्य इमेलिक की आबादी 334 है और एरिया 44 वर्ग किलोमीटर है। गरेमलेंगुई राज्य की आबादी 350 है और एरिया 68 है, जो कि क्षेत्र में सबसे बड़ा राज्य है।

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सोनसोरोल राज्य की आबादी 40 है और क्षेत्रफल 3.1 वर्ग किलोमीटर है, उत्तरी राज्य कायांगल की आबादी 54 है और क्षेत्रफल 1.7 वर्ग किलोमीटर है। अंगौर राज्य की आबादी 119 है और एरिया 8.06 वर्ग किलोमीटर है। गार्दमाऊ राज्य की आबादी 185 है और क्षेत्रफल 34 वर्ग किलोमीटर है। मिलेकोइक राज्य की आबादी 277 है और एरिया 26 वर्ग किलोमीटर है।

गिवाल राज्य की आबादी 282 है और एरिया 17 वर्ग किलोमीटर है। गतपांग राज्य की आबादी 282 है और एरिया 33 वर्ग किलोमीटर है। चेजर राज्य की आबादी 291 है और एरिया 43 वर्ग किलोमीटर है। गारचिलांग राज्य की आबादी 316 है और एरिया 11.2 वर्ग किलोमीटर है। गरार्द राज्य की आबादी 413 है और एरिया 34 वर्ग किलोमीटर है। पेलेलियु राज्य की आबादी 484 है और एरिया 22.3 वर्ग किलोमीटर है। एराई राज्य की आबादी 2455 है और क्षेत्रफल 59 वर्ग किलोमीटर है।

इस देश की समुद्री सीमाएं न्यूजीलैंड और सोलोमन द्वीप समूह से जुड़ी हैं।

क्लीन एंड ग्रीन धरती

कुदरती तौर पर अंडर वॉटर इको सिस्टम से हाेने से जलवायु शुद्ध है। यहां का 87 प्रतिशत क्षेत्रफल प्राकृतिक जंगल है। वर्षावन होने से पूरे साल यहां बारिश होती है और औसत तापमान अमूमन 28 डिग्री रहता है।

यहां का प्रमुख कारोबार जल पर्यटन और मछली पालन है। सब्जियां, सुपारी, जमीन के अंदर पनपने वाली पौध आदि मिश्रित खेती होती है। गहरे समुद्र में पाए जाने वाले खनिज खासियत हैं। इसके खनिज पदार्थों में सोना पाया जाता है।

पुलिस फौज नदारद

यहां कोई केंद्रीय पुलिस नहीं है, बल्कि हर राज्य की पुलिस अलग है। समुद्री पुलिस पलाऊ ब्यूरो ऑफ पब्लिक डिवीजन ऑफ मरीन लॉ इंफोर्समेंट है। इस देश की अपनी सेना नहीं है। अमेरिका यहां की जमीन चीन और जापान पर नियंत्रण या मोर्चे के लिए इस्तेमाल करता है। छह किलोमीटर एरिया में बना यहां एक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा है।

यहां शार्क मछली का शिकार प्रतिबंधित है। 25 सितंबर 2009 में दुनिया की पहली शार्क सेंच्युरी बनाने की घोषणा यहां की सरकार ने की है।

40 साल पहले बना गणराज्य

पलाऊ का इतिहास बताता है कि फिलिपींस का शासन 1574 से 1898 तक रहा, फिर प्रथम फिलिपीन रिपब्लिक 1898 से 1899 का हिस्सा रहा। जर्मन न्यू गिनी के मातहत 1899 से 1914 तक रहा। पहले विश्वयुद्ध के समय जापानी साम्राज्य की नौसेना के कब्जे में 1914 से 1919 तक रहा, फिर राष्ट्रसंघ के मार्फत 1919 से 1944 तक जापानी साम्राज्य का हिस्सा हो गया।

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अमेरिकी सेना का कब्जा 1944 से 1947 तक रहा। इसके बाद अमेरिका का भरोसेमंद पैसिफिक द्वीप समूह बतौर 1947 से 1981 तक रहा। फिर 1981 में पलाऊ गणराज्य घोषित हुआ, जो आज तक कायम है।

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खाते-पीते लोग हैं यहां

यहां की जीडीपी 322 मिलियन यूएस डॉलर और प्रति व्यक्ति आय 17438 यूएस डॉलर है। मतलब, मौजूद भारतीय रुपये में देखा जाए तो यहां के लोगों की प्रति व्यक्ति आय लगभग 13 लाख रुपये सालाना कही जा सकती है। मानव विकास सूचकांक में ये 189 देशों में 50वें पायदान पर है।

बहुधर्मी संस्कृति

यहां जापानी, पलाऊन और यूएस अंग्रेजी, तोबियन, सोंसोरोलीज भाषाएं बोली जाती हैं। केंद्रीय राजकाज की भाषा पलाऊन व इंग्लिश है। धार्मिक समूह बतौर यहां 89.7 प्रतिशत ईसाई, तीन प्रतिशत मुसलमान और आदिवासी मोदोकेंजी हैं। इसके अलावा लगभग तीन प्रतिशत अन्य धर्मों या मान्यताओं से जुड़े लोग भी हैं।

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भारत से रिश्ते

इस दिलचस्प देश के भारत से खास रिश्ते हैं। यहां के राष्ट्रपति रेमेंगसू जूनियर 21 अगस्त 2015 में सेेकेंड इंडिया पैसेफिक आईलैंड्स कोऑपरेशंस (फिपिक) में भाग लेने जयपुर आए थे। उस समय भारत के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग का समझौता हुआ।

19 जनवरी 2017 को तत्कालीन विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री वाईएस चौधरी शपथ ग्रहण समारोह में पलाऊ गए थे। पलाऊ ने सुरक्षा परिषद में भारत को शामिल करने के पक्ष में रहने का वादा किया है।

भारत मौजूदा समय में पलाऊ से लगभग 100 हजार डॉलर की इलेक्ट्रिकल मशीनरी, बोट, उपकरणों का आयात करता है और 200 हजार डॉलर का फार्मा उत्पाद, मेडिकल उपकरणों का निर्यात करता है।

 

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