#आबारखाबो: अगर आप खाएंगे तो एक और खाएंगे

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श्रीपति त्रिवेदी

कोलकाता। बंगाल एक ऐसा राज्य है, जहां के लोग सामाजिक और राजनीतिक रूप से हमेशा सक्रिय रहते हैं। इस समय बंगाल में चुनाव चल रहे हैं तो जाहिर है कि पूरे देश की नजर वहां के चुनाव पर है। साफ नजर आ रहा है कि यहां की चुनावी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी और राज्य में स्थापित तृणमूल कांग्रेस के बीच दिख रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस और कम्युनिस्ट को मिलने वाले वोट किसी का भी खेल बिगाड़ सकते हैं।

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जाहिर सी बात है कि तृणमूल ने पूरी ताकत लगा रखी है कि वहां ममता बनर्जी की सरकार स्थापित हो तो दूसरी तरफ बीजेपी भी अपने पूरे दमखम के साथ इस लड़ाई में उतरी हुई है। उनके तमाम स्टार प्रचारक चुनावी मैदान में नजर आ रहे हैं। खुद नरेंद्र मोदी भी विभिन्न स्थानों पर सभा कर चुके हैं और अन्य स्थानों पर आगे भी करेंगे। बंगाल की खास बात है कि जितना वहां के लोग राजनीतिक रूप से सक्रिय रहते हैं, उतना ही यहां के लोग खानपान के भी शौकीन हैं। खानपान में वहां जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा रहती है, वह है बंगाल की मिठाईयां।

हम लगातार राजनीतिक खबरों के अलावा वहां की तमाम तरह की मिठाइयों के बारे में बता रहे हैं कि वह किस तरह से बनती हैं। उनका कैसे स्वाद होता है। साथ ही अगर उन मिठाइयों के पीछे कोई ज्ञात इतिहास है तो उसको भी हम आपको बताते हैं। आज हम आपको बंगाल की प्रसिद्ध मिठाई ‘आबार खाबो’ के बारे में बताने जा रहे हैं। आबार खाबो यहां की एक प्रसिद्ध मिठाई है और साथ ही एक इतिहास को समेटे हुए। यह मिठाई मूलतः खोये, छेने, पिस्ता, काजू, किशमिश डालकर बनायी जाती है।

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इस मिठाई का एक इतिहास भी है और उसी आधार पर इस मिठाई का नाम पड़ा है। एक बार कासिम बाजार की महारानी स्वर्णमयी देवी ने एक नए तरह की मिठाई खाने की इच्छा जागृत की। उन्होंने अपनी इस इच्छा को नबीन चंद्र दास से बताया। फिर नबीन चंद्र दास ने उनके लिए एक नई तरह की मिठाई तैयार की।

यह मिठाई मूलतः सफेद रंग की थी। खोये और छेने की बनाई गई थी। मिठाई बन जाने के बाद उसको सजा कर महारानी के सामने पेश किया गया। महारानी ने इस मिठाई को खाया और यह मिठाई उन्हें बेहद पसंद आयी। उन्होंने बांग्ला में कहा, ‘आबार खाबो’, जिस का हिंदी में मतलब हुआ ‘एक और खाएंगे’ और तब से ही इस मिठाई का नाम आबार खाबो हो गया। अब यह बंगाल की एक लोकप्रिय मिठाई है।

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कोलकाता में इस मिठाई की कई प्रमुख दुकानें हैं। अब इस मिठाई को बनाने के लिए अन्य चीजों के अलावा कंडेंस मिल्क का भी बहुतायत इस्तेमाल होने लगा है। तो जब कभी भी कोलकाता जाइए तो इस मिठाई का स्वाद लेना न भूलिए।

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