ट्रंप ने अपनी सरकार में भारतीय मूल के लोगों को अहम जिम्मेदारी क्यों नहीं दी थी?

आखिरकार बाइडेन ने अमरीकी राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली. भारत का ज्यादातर हिंदी और अंग्रेज़ी मीडिया इसकी लाइव कवरेज कर रहा था, पर अपनी आदत के मुताबिक मेरा ध्यान अंतरराष्ट्रीय मीडिया के प्रमुख टीवी चैनलों पर था. ये जानने की कोशिश थी कि वे इस घटना की कवरेज कैसे कर रहे हैं, और उनके पत्रकारों/एंकर्स की टिप्पणियां क्या हैं?

सो अंग्रेज़ी के जितने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनलों तक मेरी पहुंच है, उन सबको खंगाला. ABC Australia और CNN की कवरेज व टीका-टिप्पणियां ठीक लगीं. अलजज़ीरा और चैनल न्यूज़ एशिया थोड़ी देर से इस पे आया. बीबीसी घटना पे बना तो हुआ था पर उसकी कवरेज मुझे बोरिंग लगी.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, फोटो, साभार ट्वीटर

DW जर्मनी और फ्रांस के चैनल भी सुस्ता कर इसकी कवरेज पे आए. सबसे कमाल का रूस का रशिया टुडे चैनल रहा, जो लगातार अमरीका को गरियाता रहा. साजिश ढूंढता रहा. लग रहा था कि शीत युद्ध का असर गया नहीं अब तक.


अमेरिका की बाइडन सरकार के लिए भारतीय मूल की समीरा फाजिली आर्थिक परिषद की उप-निदेशक नामित


 

मैंने लंबे समय तक भारत सरकार की मॉनिटरिंग सर्विस (तब Central Monitoring Service,आया नगर, अब इसे NTRO यानी National Technical Research Organization के नाम से जाना जाता है) में बतौर News Monitor अंग्रेज़ी भाषा के विदेशी रेडियो/टीवी ब्रॉडकास्ट को मॉनिटर किया है.

तब उस ब्रॉडकास्ट को रिकॉर्ड करके उसे transcript करना पड़ता था. फिर उस पे रिपोर्ट बनती थी, जो Editing/Compilation के बाद भारत सरकार के सभी मंत्रालयों में जाती थी.

आज अपने उसी हुनर का इस्तेमाल करके मैं बारी-बारी सभी विदेशी अंग्रेज़ी ब्रॉडकास्ट को देख रहा था कि कमला हैरिस के भारत कनेक्शन पर कोई कुछ बोल रहा है या नहीं. उम्मीद थी कि कम से कम Channel News Asia तो इस पे कुछ विस्तार से बताएगा, पर जितना मैं देख पाया, उसने भी चुप्पी मारे रखी.

सिर्फ भारत के हिंदी चैनल सुबह से अमरीकी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह और कमला हैरिस के Indian connection पे उछल रहे थे. कुछ ने अपनी आदत के मुताबिक बाइडेन की अनसुनी घटिया कहानियां दिखाईं और कुछ कमला का गुणगान करते रहे.


अमेरिका में बाइडन युग शुरू, भारी मन से विदा हुए ट्रंप


 

बाकी जो हिंदी टीवी चैनल कल तक डोनाल्ड ट्रम्प की शान में कसीदे पढ़ रहे थे, आज वो ये बताते नज़र आए कि नए राष्ट्रपति बाइडेन ने 20 भारतीय मूल के लोगों को अहम ज़िम्मेदारी सौंपी है और अमरीका अब भारत को इग्नोर नहीं कर सकता.

हिंदी के वे मूर्ख टीवी एंकर/प्रोड्यूसर बस ये नहीं बता पाए कि ट्रम्प ने अब तक भारत को क्यों इग्नोर कर रखा था और भारतीय मूल के लोगों को अपनी सरकार में अहम ज़िम्मेदारी क्यों नहीं दी थी?

बहरहाल विदेशी अंग्रेज़ी ब्रॉडकास्टस की स्क्रीन बाइडेन के शपथ समारोह में कैसी दिख रही थी, वो आप नीचे फोटुक में देख सकते हैं, जिसे अपने मोबाइल में मैंने कैद कर लिया था.

(लेखक-नदीम एस अख्तर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन में शिक्षक हैं. ये लेख उनकी फेसबुक वॉल पर प्रकाशित हुआ है.)

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