Uttarakhand Election : कांग्रेस के लिए वरदान साबित होगी यशपाल आर्य की ‘घर वापसी’ या भाजपा झेलेगी नुकसान ?

द लीडर। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में साल 2022 में विधानसभा चुनाव होने है. जिसको लेकर सभी पार्टियां जोरों शोरों से लगी हुई है. वहीं यूपी में भाजपा बैठके कर कार्यकर्ताओं को मंत्र दे रही है तो वहीं सपा, प्रसपा अपना चुनावी रथ लेकर गांव-गांव, शहर-शहर घूम रहे है. लेकिन उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के घर वापसी के बाद राजनीति में काफी हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ कांग्रेस जश्न में डूबी हुई है तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी को बढ़ा सदमा लगा हुआ है। सूबे के मुख्यमंत्री से सवाल करने पर मुख्यमंत्री गुस्से से तिलमिला रहे हैं। कैमरे के सामने भड़कते दिखाई दिए हैं।


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बीजेपी में घुटन महसूस हो रही थी- यशपाल आर्य

लंबे समय से सूबे के पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य बीजीपी से नाराज़ चल रहे थे जिसको लेकर एक बार अचानक सूबे के सीएम पुष्कर सिंह धामी यशपाल आर्य के घर पर चाय पर पहुंच गए और यशपाल को मनाने की कोशिश भी की थी लेकिन यशपाल आर्य नहीं माने जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस में वापसी होने का मन बनाया और कांग्रेस में वापसी कर ली। जिससे उत्तराखंड की राजनीति सरगर्मियां तेजी से बढ़ गई। उत्तराखंड में सभी राजनीतिक पार्टियां यशपाल आर्य के घर वापसी को लेकर अपने-अपने समीकरण बैठाती हुई दिखाई दे रही हैं. वहीं कांग्रेस में शामिल होने के बाद यशपाल आर्य का कहना है कि, बीजेपी में उनको घुटन महसूस हो रही थी।

कांग्रेस में जश्न का माहौल

वहीं दूसरी ओर यशपाल आर्य के भाजपा छोड़ने और कांग्रेस में शामिल होने पर कांग्रेस में जश्न का माहौल है। कांग्रेस ने यशपाल आर्य की घर वापसी पर उनका स्वागत करते हुए अपनी मजबूती का बिगुल बजा दिया है. जिससे सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी की भी बौखलाहट सामने आने लगी। बता दें कि, जब सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी किच्छा विधानसभा के एक दिवसीय दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने किच्छा विधायक राजेश शुक्ला के 53वें जन्मदिन और नागरिक अभिनन्दन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। वहीं जब पत्रकारों ने सीएम पुष्कर धामी से यशपाल आर्य को लेकर सवाल किया तो सीएम पत्रकारों पर भड़कते नजर आए. और कहने लगे कि, आपको दिखाई नही दे रहा कि, हम विकास के काम कर रहें हैं और सभी का सम्मान कर रहें हैं हमने उनका बहुत सम्मान किया है और जिसको जहां जाना है जाए हम अपने विकास के काम मे लगे हुए हैं।


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उत्तराखंड में खिलेगा कमल या सत्ता में आएगी कांग्रेस

उत्तराखंड की राजनीति में तोड़ मरोड़ की राजनीति तो एक परंपरा बन चुकी है। लेकिन यशपाल आर्य की घर वापसी से बौखलाई भाजपा और हुंकार भरती नजर आ रही है. वहीं कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने को लेकर सिग्नल देतीं हुई दिखाई दे रही है. फिलहाल ये तो आने वाला वक्त ही बतागा कि, यशपाल आर्य की घर वापसी कांग्रेस के लिए वरदान साबित होती है। और भाजपा को कितना नुकसान पहुंचाती है।

सरिता आर्या ने यशपाल आर्य पर कसा था तंज

बता दें कि, यशपाल आर्य और उनके बेटे की घर वापसी पर जहां बीजेपी नेता हमलावर हैं वहीं कांग्रेस के नेता भी उनकी मुखालफत करते दिखाई दे रहे हैं. नैनीताल से पूर्व विधायक सरिता आर्या ने यशपाल आर्य पर तंज कसते हुए कहा कि, कार्यकर्ता और उनके मन में यशपाल आर्य के आने से उथल-पुथल चल रही है. उन्होंने कहा कि, भाजपा की मलाई खाकर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं. सरिता आर्या ने कहा कि, नैनीताल से टिकट के मामले में किसी भी प्रकार से समझौता नहीं करूंगी. यशपाल आर्य बड़े चेहरे हैं, वह कहीं से भी लड़ सकते हैं.


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बता दें कि, पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ रामनगर पहुंची सरिता आर्या ने यशपाल आर्य पर जमकर हमला बोला. सरिता आर्या ने कहा कि यशपाल आर्य ने भाजपा में 4 साल से ज्यादा समय में मलाई खाई और कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. उन्होंने कहा कि, उनके कांग्रेस में शामिल होने पर उनको बधाई है पर इससे हमारे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं सहित मेरे मन में भी उथल-पुथल है. बता दें कि, सरिता आर्या नैनीताल से पूर्व में विधायक रह चुकी हैं और इस बार भी वे टिकट की प्रबल दावेदार भी हैं. लेकिन यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य के कांग्रेस में शामिल होने के बाद उनका टिकट मिलने पर संशय बना हुआ है. क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनाव में संजीव आर्य ने नैनीताल सीट से बंपर जीत दर्ज की थी.

यशपाल और संजीव आर्य ने थामा कांग्रेस का दामन

बता दें कि, उत्तराखंड विधान सभा चुनाव से पहले भाजपा को तगड़ा झटका लगा। क्योंकि, सोमवार यानि 11 अक्टूबर को परिवहन मंत्री यशपाल आर्य और उनके विधायक बेटे संजीव आर्य ने कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस की सदस्यता लेकर दोनों नेताओं ने घर वापसी कर ली। दिल्ली में कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की उपस्थिति में यशपाल और संजीव आर्य ने वापसी की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व सीएम हरीश रावत भी मौजूद रहे।


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