तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने CAA-NRC और प्रदर्शनकारी किसानों पर दर्ज 5,570 मामले वापस लिए

द लीडर : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और कृषि कानूनों के विरोध में आम लोगों पर दर्ज 5,570 मामले वापस ले लिए हैं. इसमें पत्रकारों, स्वतंत्र मीडिया संस्थानों के अलावा स्थानीय परियोजनाओं का विरोध करने वालों पर भी केस दर्ज थे. अतिरिक्त मुख्य सचिव एसके प्रभाकर के हवाले से इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है. (Tamil Nadu CAA Protest)

आदेश जारी करने से पहले चेन्नई हाईकोर्ट द्वारा निर्देशित प्रक्रियाओं का बेहद सतर्कता के साथ अध्ययन किया गया. आदेश में कहा गया है कि स्वतंत्रता के खिलाफ दर्ज अनुबंध (IV)के मुताबिक 5,570 मामले वापस लिए जाते हैं. इसके अलावा कृषि कानून, सीएए-एनआरसी, आठ लेन मीथेन-कुंडाकुलम के न्यूट्रिनो के विरोध में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ जो मामले दर्ज हैं. उन्हें भी वापस लिए जाने का आदेश देती है.

सुप्रीमकोर्ट ने इसी साल 10 अगस्त 2021 को निर्देश दिया था कि हाईकोर्ट की इजाजत के बिना किसी सीटिंग या पूर्व एमपी-एलएलए के खिलाफ दर्ज कोई मुकदमा वापस नहीं होगा. शासनादेश में शीर्ष अदालत के इस निर्देश का भी उल्लेख किया गया है.


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शासनादेश के मुताबिक सीएए-एनआरसी आंदोलन के दौरान 2282 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे. जबकि स्वतंत्र मीडिया संस्थानों और उनके पत्रकारों पर 2,831 मामले दर्ज थे. इसके अलावा स्थानीय परियोजनाओं के खिलाफ प्रदर्शन पर 436 केस पंजीकृत हुए थे. ये सभी वापस हो गए हैं. (Tamil Nadu CAA Protest)

वापसी के लिए प्रस्तावित 5,570 मामलों में से 4,460 केसों की जांच चल रही है. जबकि 1,110 में सुनवाई के लिए लंबित हैं. लोक अभियोजक, उच्च न्यायालय, चेन्नई की सलाह पर भ्ज्ञरोसा करते हुए आदेश जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है कि वे मामले जिनकी जांच अभी लंबित है या चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है. संबंधित पुलिस आगे की कार्रवाई खत्म कर सकती है.

स्टालिन सरकार का ये आदेश ऐसे समय आया है, जब देश में किसान आंदोलन जारी है. पिछले करीब 10 महीने से हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं. और हरियाणा जैसे राज्यों में उनके खिलाफ बलपूर्वक और हिंसक कार्रवाई की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं.

ऐसे में किसानों पर दर्ज मामले वापस लेना बड़ा कदम है. इसी तरह सीएए-एनआरसी के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पंजीकृत मामले वापस लेना भी बड़ा कदम माना जा रहा है. (Tamil Nadu CAA Protest)

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