उत्तराखंड: सरकार बोली लॉक डाउन नहीं, सख्ती होगी,मुकदमे होंगे

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द लीडर देहरादून।
सरकार कुम्भ का जोश कम नहीं करना चाहती इसलिए मुख्य सचिव ने शुक्रवार को साफ किया कि प्रदेश में लॉक डाउन का कोई इरादा नहीं हैं। इतना जरूर है कि कोरोना रोकने के जारी निर्देशों पर सख्ती से अमल होगा और मुकदमे भी दर्ज होंगे। उनके बाद खुद मुख्यमंत्री ने आला अफसरों के साथ वर्चुअल मीटिंग में कोरोना से निपटने के लिए कई निर्देश दिए।
गुरुवार को कुछ पत्रकारों से बातचीत में मुख्यसचिव ने बड़े कदम उठाने की बात की थी जिसका आशय यही लिया गया कि खासकर देहरादून में लॉक डाउन की स्थिति आ सकती है। जिले में अब तक छह कनटेन्मेंट जोन बन चुके हैं। सबसे ज्यादा मामले भी यहीं हैं।
मुख्यसचिव ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए कहा कि राज्य में कहीं भी लॉक डाउन लागू नहीं होगा, लेकिन कोरोना को रोकने के लिए सख्ती की जाएगी। जो लोग कायदों को उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।

कोरोना के बढ़ते मामलों ने सरकार की फिक्र एकदम बढ़ा दी है। ऐसे में ये आशंकाएँ जताई जाने लगी है कि क्या फिर से लॉक डाउन का सहारा सरकार ले सकती है? इस बारे में सुबह से राजनेताओं और अफसरों को कई फोन गए तो स्थिति साफ की गई।
उत्तराखंड सरकार के लिए समस्या की बात ये है कि यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा मेला कुम्भ और सैकड़ों सालों से चला आ रहा झंडे जी का मेला चल रहा है। दोनों में ही बाहरी राज्यों-विदेशों से भक्त-श्रद्धालु खूब आते हैं। उनको रोक पाना इतना आसान नहीं है। पुलिस और प्रशासन के पास इतने संसाधन ही नहीं हैं कि वह हर आने वाले की ढंग से जांच करने के बाद ही शहर में प्रवेश कर दें। देहरादून की भी पुलिस कुम्भ में ड्यूटी दे रही। ऐसे में झंडे के मेले में सख्त व्यवस्था पुलिस-प्रशासन के लिए कर पाना बहुत बड़ी चुनौती साबित होगी।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि उत्तराखंड शतप्रतिशत कोविड वैक्सीनेशन करने वाला राज्य बने। इसके लिए फूलप्रूफ प्लान तैयार किया जाए। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने आदि बातों के प्रति जनजागरूकता के लिए फिर से अभियान चलाए जाएं।
डेथ रेट कम करने के लिए बेस्ट ट्रीटमेंट प्रोटोकोल का पालन हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों और पर्यटकों को शालीन व्यवहार में समझाया जाए कि कोविड के प्रोटोकोल का पालन करें। अधिक से अधिक टेस्ट करने हैं और डेथ रेट को कम करना है। इसके लिए बेस्ट ट्रीटमेंट प्रोटोकोल का पालन किया जाए। कोविड से होने वाली हर डेथ की आडिट की जाए। समाज के प्रतिष्ठित लोगों के माध्यम से लोगों से कोविड के नियमों का पालन करने की अपील की जाए।
सबको मास्क पहनाना है, सबका वैक्सीनेशन कराना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो बातों पर विशेष ध्यान दिया जाए। सबको मास्क पहनाना है और सबका वैक्सीनेशन कराना है।
कुम्भ के दृष्टिगत हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल जिले विशेष तैयारी करें। अधिक से अधिक टैस्टिंग की जाए। बोर्डर पर स्थापित किए जाने वाले चेकिंग स्थलों पर रूकने, पानी, शौचालय आदि की पर्याप्त व्यवस्था हो। इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है। हरिद्वार को 20 करोड़ रूपए जबकि अन्य जिलों को 5-5 करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
सचिव अमित नेगी ने बताया कि पाजिटीवीटी दर उत्तराखंड में 3.66 प्रतिशत है, जबकि भारत में यह 4.99 प्रतिशत है। परंतु हमारी मृत्यु दर भारत के औसत से कुछ अधिक है। हमें इस ओर विशेष ध्यान देना है।
पहले त्रिवेन्द्र सिंह रावत और उनके परिवार के लोग, फिर मौजूदा सीएम तीरथ सिंह रावत और उनकी पत्नी के साथ ही तमाम दिग्गजों और मंत्रियों को कोरोना ने पकड़ लिया। मंत्री गणेश जोशी भी आज कोरोना के शिकार हो गए।
पिछली बार के लॉक डाउन ने जो नुक्सान किया उसकी भरपाई अभी तक नहीं हो पाई है। फिर कारोबारी भी इसके हक में नहीं हैं। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।

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