लक्षद्वीप : प्रशासक प्रफुल पटेल के हवाई यात्रा खर्चे पर क्यों छिड़ा हंगामा, जिसने द्वीप पर बढ़ा दिया असंतोष

द लीडर : लक्षद्वीप प्रशासन, जोकि खर्चों में कटौती का हिमायती है, और उसकी इस मंशा से सैकड़ों अस्थायी श्रमिक, अनुबंध कामगारों पर संकट बना है. तब, प्रशासक प्रफुल खोडा पटेल की एक यात्रा का खर्च 23 लाख रुपये मंजूर किए जाने का मामला सामने आया है. इसने स्थानीय लोगों में पहले से व्याप्त असंतोष को और गहरा दिया है.  इसे भी पढ़ें कैसे हुआ 96 फीसद मुस्लिम आबादी वाले लक्ष्यद्वीप का भारत में विलय, यह है पूरा किस्सा. (Lakshadweep Administrator Praful Patel Air Travel Expenses )

प्रफुल पटेल 21 फरवरी को तीन अफसरों के साथ दमन से लक्षद्वीप आते हैं. ये यात्रा तटरक्षक डोर्नियर विमान से तय करते हैं. लक्षद्वीप प्रशासन 23, 21,280 रुपये इस यात्रा खर्च की मंजूरी देता है. ग्राम पंचायत द्वीप (सदस्य ) कवरत्ती, केआइ निजामुद्​दीन के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस यात्रा खर्च ने लोगों में नाराजगी और बढ़ा दी है.

प्रशासक प्रफुल पटेल जब 14 जून को लक्षद्वीप दौरे पर पहुंचे थे, वो दिन विरोध दिवस के रूप में मनाया गया था. फोटो साभार ट्वीटर

वो इसलिए क्योंकि एक तरफ प्रशासन खर्चे कम करने के नाम पर अस्थायी श्रमिक, अनुबंध पर काम करने वालों को हटाने की तैयारी में है. दूसरी ओर यात्रा पर भारी भरकम धनराशि खर्ची जा रही है.


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खर्च का ये विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब प्रफुल पटेल सात दिन के लिए लक्षद्वीप के दौरे पर पहुंचे हैं. 14 जून को वह लक्षद्वीप के अगत्ती में एक विमान से पहुंचे. वे लगातार द्वीपों का दौरा करके प्रशासनिक व्यवस्था और प्रोजेक्ट का जायजा ले रहे हैं.

लक्षद्वीप केंद्र शासित राज्य है, जिसकी आबादी कोई 70 हजार के आस-पास है. आबादी और क्षेत्रफल, दोनों लिहाज से ये भारत का सबसे छोटा राज्य है. पिछले दो महीनों से ये लगातार चर्चा में बना है. इसलिए क्योंकि प्रशासक प्रफुल पटेल नई नीतियां लेकर आए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है. वे नीतियों के साथ ही प्रशासक को हटाए जाने को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं. (Lakshadweep Administrator Praful Patel Air Travel Expenses)

एक जून को लक्षद्वीप के सांसद मुहम्मद फैजल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. और उन्हें प्रशासनिक नीतियों, इनसे उपजे असंतोष के बारे में अवगत कराया था.


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सांसद मुहम्मद फैजल के मुताबिक, गृहमंत्री ने आश्वस्त किया कि जो भी मसौदा बना है, उसे स्थानीय लोगों से बातचीत किए बिना अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा. गृहमंत्री के इस आश्वासन के बाद काफी हद तक राज्य में विरोध के स्वर थोड़े नरम हुए.

अभिनेत्री आयशा सुल्ताना.

लेकिन इसी बीच 10 जून को लक्षद्वीप की आयशा सुल्ताना, जोकि दक्षिण सिनेमा की अभिनेत्री और मॉडल हैं, एक मलयालम टीवी डिबेट के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर उन पर राजद्रोह का केस दर्ज कर लिया गया. आयशा पर राजद्रोह के केस ने राज्य की नीतियों के खिलाफ जारी विरोध को बढ़ा दिया है. स्थानीय न्यूज पोर्टल दीप डायरी के मुताबिक आयशा पर केस पर भाजपा नेताओं ने भी विरोध दर्ज कराया है. (Lakshadweep Administrator Praful Patel Air Travel Expenses )


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लक्षद्वीप, जोकि मुस्लिम बहुल आबादी वाला राज्य है. जहां मुसलमानों की संख्या करीब 95 प्रतिशत है. प्रशासन की नई नीतियों के मुताबिक वहां, पहले से लागू शराब बंदी खत्म कर दी जाएगी. इसके अलावा सागर किनारे के शेड हटाने, मांसाहार समेत कई अन्य बिंदु शामिल हैं.

 

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