सद्दाम जेल से बाहर जाएगा तो साथ जाएंगे बरेली सेंट्रल जेल-2 के वरिष्ठ जेल अधीक्षक

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द लीडर हिंदी: दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंककर पीता है. सद्दाम को गिरफ़्तार किए जाने के बाद सेंट्रल जेल टू में कुछ ऐसा ही माहौल है.

जिस तरह माफ़िया अतीक़ के भाई अशरफ़ के बरेली जेल में रहने के दौरान चूक पर चूक हुई और उसकी ख़ातिरदारी में अफसरों समेत आठ निलंबित हुए थे. उनमें दो तो इसी जेल में बंद हैं.

अशरफ़ के साले सद्दाम को हाई सिक्योरिटी बैरक में अकेले रखा गया है. वहां सिर्फ वो है या फिर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी. सद्दाम चाहता है कि उसे दूसरे क़ैदियों के साथ बैरक में रखा जाए लेकिन उसकी इस मांग को सुनने के फौरन बाद ही ठुकरा दिया गया.

इसलिए क्योंकि वहां उसे अपना नेटवर्क खड़ा करने में आसानी रहती. इसलिए क्योंकि इसी जेल में उसका बरेली में मददगार बना लल्ला गद्दी और फ़ुरकान वग़ैरा भी बंद हैं.

जेल में वो हाई सिक्योरिटी बैरक में रहेगा और जेल से बाहर पेशी पर जाएगा तो वहां भी उसके इर्द-गिर्द परिंदा पर नहीं मार पाएगा.

रास्ते में उसके साथ पुलिस कर्मियों के अलावा डिप्टी जेलर, जेलर चलेंगे. अगर ये दोनों नहीं जा पाएंगे तो सेंट्रल जेल-2 के अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ख़ुद जाएंगे.

सद्दाम की प्रयागराज के उमेशपाल हत्याकांड में भूमिका रही है और उसके ख़िलाफ़ बरेली के ही थाना बिथरी चैनपुर में अशरफ़ से अवैध तरीक़े से मिलाई कराने को लेकर मुक़दमा भी दर्ज है.

जब अशरफ़ सेंट्रल जेल टू में बंद था तो सद्दाम फाइक़ एनक्लेव से सटी खुशबू कॉलोनी में किराये का मकान लेकर रह रहा था.