वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत को आईसीआईसीआई बैंक धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने किया गिरफ्तार

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द लीडर हिन्दी: सीबीआई ने सोमवार को आईसीआईसीआई बैंक धोखाधड़ी मामले में वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई के अनुसार यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी मामले में हो रही है। बता दें कि इसी मामले में इससे पहले की पूर्व सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था। सीबीआई से जुड़े सूत्रों के अनुसार 71 वर्षीय धूत को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ व एमडी चंदा कोचर और उनके पति की गिरफ्तारी के तीन दिनों के बाद की गई है।

सीबीआई ने वर्ष 2019 में दर्ज प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत बैंक लोन से जुड़े मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ व एमडी चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन के संस्थापक वेणुगोपाल धूत को अरोपी बनाया है। उनके अलावा इस मामले में दीपक कोचर के संचालन में चलने वाली न्यूपावर रिन्युएबल (एनआरएल), सुप्रीम एनर्जी, वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आरोपी गया है।

संभावना जताई जा रही थी कि वीडियोकॉन लोन मामले में सीबीआई की ओर से जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। चार्जशीट में वीडियोकॉन ग्रुप के वेणुगोपाल धूत के साथ कोचर दंपत्ति को भी नामजद किया जा सकता है। चंदा कोचर पर आरोप हैं कि उन्होंने वीडियोकॉन ग्रुप के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत को आंख बंद कर लोन बांटा जिसके एवज में कथित तौर पर नूपावर में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि आईसीआईसीआई बैंक ने वेणुगोपाल धूत द्वारा प्रवर्तित वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, आरबीआई के दिशानिर्देशों और बैंक की कर्ज नीति का उल्लंघन करते हुए 3,250 करोड़ रुपये की लोन फैसिलिटी मंजूर कीं।

चंदा कोचर और दीपक कोचर की हिरासत संबंधी सुनवाई के दौरान, सीबीाई की ओर से पेश विशेष सरकारी वकील ए लिमोजिन ने दलील दी कि चंदा कोचर ने वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को 300 करोड़ रुपये की कर्ज सुविधा को मंजूरी देकर आईपीसी की धारा 409 के तहत ‘आपराधिक विश्वासघात’ भी किया।