कासगंज : अल्ताफ की मौत पर ट्रेन में सफर कर रहे वकील ने चीफ जस्टिस को लिखा पत्र, न्यायिक जांच की अपील

द लीडर : मैं, बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करता हूं. अभी अमृतसर से नांदेड़ के सफर में हूं. जहां मैंने यूपी के कासगंज में 21 साल के अल्ताफ की पुलिस हिरासत में मौत की खबर पढ़ी. चाहत मियां ने 8 नवंबर की शाम, करीब 8 बजे खुद ही अपने बेटे अल्ताफ को पुलिस के हवाले किया था. 9 नवंबर की शाम 5 बजे यानी 24 घंटे के अंदर अल्ताफ की मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों ने उन्हें फांसी पर लटका दिया. इस खबर से मैं अंदर तक हिल गया हूं. (Kasganj Police Altaf Death)

एक वकील ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल को ये पत्र लिखा है. जिसमें अल्ताफ की मौत की जांच, हाईकोर्ट के जज की निगरानी में कराए जाने की अपील की है.

अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि, जब चाहत मियां बेटे के बारे में पूछने के लिए पुलिस के पास गए, तो उन्हें भगा दिया गया. अब मौत पर पुलिस ने तर्क दिया कि, अल्ताफ ने अपनी ही जैकेट के नाड़े से बाथरूम की टोंटी के सहारे फांसी लगा ली. उन्होंने कहा कि ये बिल्कुल साफ है कि इतना पतला नाड़ा 21 साल के नौजवान का वजन नहीं उठा सकता है. जिससे वह लटककर मर जाएं.


इसे भी पढ़ें-यूपी : कासगंज में पुलिस हिरासत में अल्ताफ की मौत, पिता बोले-”बेटे की हत्या की गई”


 

पुलिस हिरासत में मौत आर्टिकल-21 का उल्लंघन है. पिछले तीन सालों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने देश में 1318 मौतें रिकॉर्ड की हैं, जो पुलिस हिरासत में हुईं. (Kasganj Police Altaf Death)

वकील ने जयराज बेनिक्स की हिरासत में मौत का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने उन आरोपी पुलिसकर्मियों की जमानत खारिज कर दी थी. जिन्होंने जयराज को हिरासत में प्रताड़ित किया था.

अल्ताफ को इंसाफ दिलाने के लिए एक वकील की अर्जी है. जिसमें उन्होंने उस बेबस पिता का दर्द भी बयान किया है, जिन्होंने खुद अपने बेटे को पुलिस के सुपुर्द कर दिया था. ताकि उस पर लड़की भगाने का जाे इल्जाम है. उस मामले में पुलिस पूछताछ कर ले. लेकिन पुलिस ने फिर उन्हें अल्ताफ की लाश ही लौटाई.


कासगंज के एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने अल्ताफ की मौत पर बयान दिया है कि उन्होंने हवालात में नाड़े से फांसी लगा ली. उपचार के दौरान मौत हो गई. बॉम्बे हाईकोर्ट के वकील की तरह पुलिस के इस दावे पर दूसरे लोगों को भी शक है. (Kasganj Police Altaf Death)

और वो पुलिस की इस स्क्रिप्ट को खारिज करते हुए हिरासत में हत्या का आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा-पुलिस कस्टडी में अल्ताफ के हत्यारे दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हो.

अल्ताफ के वालिद चाहत मियां बिलख रहे हैं. बेटे के गम में छटपटा रहे हैं. उनके चेहरे से इस बात का पछतावा भी है कि, काश मैंने अल्ताफ को पुलिस के सुपुर्द न किया होता, तो शायद आज वह जिंदा होते.

एसपी ने लापरवाही के मामले में 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है. लेकिन क्या अल्ताफ की मौत लापरवाही भर है या हत्या है. इस पर जो सवाल उठाए जा रहे हैं. उनके जवाब न्यायिक जांच से ही सामने आ पाएंगे. जैसा कि वकील ने चीफ जस्टिस को भेजे पत्र में भी कहा है.

वकील ने अपने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया है कि चूंकि मैं ट्रेन में हूं. इसलिए हार्ड कॉपी भेजने में असमर्थ हूं. ई-मेल, वाट्स-एप और दूसरे डिजिटल माध्यम से इसकी कॉपी भेज रहा हूं. (Kasganj Police Altaf Death)

 

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