पैगंबर मोहम्मद की बताई खाने की वो चीजें, जो अब सुपरफूड हैं: रिसर्च- (1)

0
866

कोरोना महामारी से खौफजदा लोगों ने इम्युनिटी बढ़ाने को एक से एक नुस्खे आजमाए। यहां तक कि इम्युनिटी के नाम पर एक इंडस्ट्री का ही जन्म हो गया। ये अलग बात है कि इनमें तमाम उत्पाद किसी काम के नहीं या फिर उनका दावा फर्जी साबित हुआ, जैसे नकली शहद बेचने का मामला। हालांकि शहद अच्छी सेहत बनाने वाला खाद्य पदार्थ है।

फिलहाल हम बात करेंगे एक ऐसे शोध की, जिसे नेशनल सेंटर फाॅर बायोटेक्नोलॉजी इन्फाॅर्मेशन ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है। एनसीबीआई का संचालन यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ करते हैं।

इससे पहले शोध नेशनल जर्नल ऑफ हेल्थ साइंसेंज ने प्रकाशित किया। शोध करने वाले हैं भोपाल स्थित सैफिया कॉलेज ऑफ साइंस में डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड जूलॉजी के शारिक ए अली, नईमा परवीन, आयशा एस अली।

‘लिंक्स बिटविन द प्रोफेट मुहम्मद (पीस बी अपऑन हिम) रिकमंडेड फूड्स एंड डिजीज मैनेजमेंट: अ रिव्यू इन द लाइट ऑफ मॉडर्न सुपरफूड्स’ शीर्षक से किए गए शोध में पैगंबर मुहम्मद के बताए गए खाद्य पदार्थों को विस्तार से जिक्र करने के साथ ही मौजूदा प्रयोग के नतीजे साझा किए गए हैं। ये शोध अप्रैल 2018 में प्रकाशित हुआ।

शोध कहता है कि विशिष्ट खाद्य पदार्थों में मौजूद पोषण और अन्य बायोएक्टिव प्राकृतिक उत्पाद मानव स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन्हीं में से कई खाद्य पदार्थों ने हाल ही में अपने गुणों के आधार पर सुपरफूड्स का दर्जा हासिल किया है।

प्राचीन काल से विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए इन खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाता रहा है। ये खाद्य पदार्थ पारंपरिक दवाओं की तरह अभी भी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में सबसे सस्ती और आसानी से उपलब्ध स्रोतों में से एक हैं।

ये भी पढ़ें – क्या बेजुबानों के जानलेवा जख्मों पर बेअसर हो रही हजारों करोड़ की वैक्सीन

इन सुपरफूड्स का वैज्ञानिक उपयोग पैगंबर मुहम्मद के युग में पादप (पेड़-पौधों) उत्पादों के ऐतिहासिक ज्ञान व व्यवहार के साथ दिखाई देता है। बड़ी संख्या में हर्बल खाद्य पदार्थ, जैसे खजूर, अनार, जैतून, अंजीर, अंगूर और काले बीजों का नुस्खा कई मामलों से साफतौर पर सुझाया।

रोग की रोकथाम के साथ-साथ स्वास्थ्य के अच्छे रखरखाव में ये काम करते हैं, ये विज्ञान ने साबित किया है। इनका दुष्प्रभाव भी नहीं है और प्राकृतिक रूप में उपभोग रासायनिक उपचार की तुलना में ज्यादा आसान भी होता है अक्सर।

समीक्षा में सामने आया कि कई शोधकर्ता इन सुपरफूड्स के वैज्ञानिक रूप पर आधारित महत्व सामने ला चुके हैं और उनके औषधीय गुणों को सामने रखा है। एंटीडायबिटिक, एंटी कैंसर, इम्यून रेगुलेटर, एनाल्जेसिक, सूजन-जलन रोधी और लिवर से जुड़ी बीमारियों में इनसे बहुत फायदा होता है, ऐसा सामने आया है।

ये भी पढ़ें – टीकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन की वो तस्वीरें, जिनमें छुपा है खास संदेश

शोध कहता है, वैसे तो पृथ्वी पर असंख्य वनस्पतियां मौजूद हैं, जिनमें शक्तिशाली औषधि गुण पाए जाते हैं। इन्हीं में से कई सुपरफूड के रूप में आज जाने जा रहे हैं। सबसे शक्तिशाली, पोषक तत्वों से भरपूर और अच्छे स्वाद वाले खाद्य पदार्थों का एक वर्ग है।

इनका उपयोग पैगंबर मुहम्मद के समय से किया जाता रहा है। उन्होंने पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का उपयोग निर्धारित किया था, जिससे उनके उपभोग का नुकसान न हो।

उन्होंने खजूर, जैतून, अंजीर, अनार, काले बीज, अंगूर आदि से कई बीमारियों को दूर करने की सलाह दी। ये हैरान करने वाली बात है कि विवेक के आधार जाे नुस्खे सुझाए, वे स्वास्थ्य और आहार संबंधी वैज्ञानिक शोधों से सदियों पहले दिए गए।

क्रमश: जारी….

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here