सिराज ने पांच विकेट झटककर दिया नस्लीय टिप्पणी का जवाब

0
343

 द लीडर. मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों की हूटिंग और नस्लीय टिप्पणी का जवाब भारत के युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने गावस्कर-बार्डर ट्राफी के अंतिम टेस्ट मैच में पांच विकेट झटककर दिया. उनके इस शानदार प्रदर्शन से मैच भी रोमांचक स्थिति में पहुंच गया है.

भारत को सीरिज जीतने के लिए 328 रन और  ऑस्ट्रेलिया को दस 10 विकेट की दरकार है. ब्रिस्बेन जब चौथे दिन का खेल बारिश के सबब थोड़ा पहले खत्म हुआ तो भारतीय टीम बगैर विकेट खोये चार रन के स्कोर तक पहुंच गई है.

अगर मैच में मौसम ने खलल नहीं डाला तो नतीजा निकलता दिख रहा है. दोनों में कोई भी टीम मैच जीत सकती है. हां, चार दिन के खेल को देखकर विश्लेषण करें तो ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले मनोबल भारत का बढ़ा हुआ है.

अगर इस मैदान पर स्कोर की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने भारत के लिए मुश्किल रखा है लेकिन जिस तरह युवा भारतीय टीम का अब तक प्रदर्शन है, उसे देखकर कुछ भी संभव है.

ये भी पढ़ें – सुंदर-शर्दुल ने लाजवाब पारी खेलकर छुड़ाया ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को पसीना

चौथे दिन के खेल की बात करें तो ऑस्ट्रेलियाई  बल्लेबाजों ने जिस तरह आक्रामक ढंग से खेलना शुरू किया था, उससे वे और बड़ा लक्ष्य भारत को देना चाहते थे लेकिन तारीफ करनी होगी मोहम्मद सिराज और शर्दुल ठाकुर की, जिन्होंने कमाल की गेंदबाजी की.

थोड़े-थोड़े अंतराल पर विकेट निकालकर बल्लेबाजों को हावी नहीं होने दिया. खासतौर पर सिराज ने पहली इनिंग में शतक जमाने वाले मार्नस लबुशेन के साथ ही स्टीव स्मिथ, वेड, ग्रीन, स्टार्क और हेजलवुड को आउट किया. एक पारी में पांच विकेट झटकने से पहले सिराज और शर्दुल में प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिली.

दोनों ही ऑस्ट्रेलिया के चार-चार बल्लेबाजों को आउट कर चुके थे. कार्यवाहक कप्तान ने अंतिम विकेट निकालने के लिए सिराज-शर्दुल से ही बालिंग कराते रहे. आख़िरकार हेजलवुड बाहर निकलती सिराज की तेज गेंद को कट करने के प्रयास में थर्डमैन पर खड़े शर्दुल को आसान कैच थमा बैठे. इस तरह 294 रन पर ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत हो गया.

ये भी पढ़ें – ऑस्ट्रेलिया से पार पाने को रहाणे से एक और करिश्माई इनिंग की उम्मीद

पहली पारी में 33 रन की बढ़त जोड़कर भारत को 328 रन का लक्ष्य मिला है. सिराज के लिए यह सीरिज यादगार रही है. तीन टेस्ट में वह 13 विकेट ले चुके हैं. उनका यह प्रदर्शन भारतीय गेंदबाजों में सर्वश्रेष्ठ है.

ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान ही उन्होंने अपने पिता को भी खोया है. वह अपने पिता को मिट्टी देने भी नहीं जा सके. हां, पिता की ख्वाहिश को उन्होंने शानदार प्रदर्शन की बदौलत पूरा कर दिया.

गेंदबाजी को लेकर सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों तक उनकी खूब प्रशंसा हो रही है. अच्छी फिटनेस के लिए भी उन्हें सराहा जा रहा है. मैदान पर उनकी फील्डिंग गजब की रही है.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here