कांग्रेस से गुलामनबी आज़ाद और सलमान खुर्शीद नहीं इमरान प्रतापगढ़ी जाएंगे राज्यसभा

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Imran Pratapgarhi Congress Rajyasabha
शायर इमरान प्रतापगढ़ी.

द लीडर : मुशायरों के मंच पर मज़लूमों का दर्द सुनाने वाले मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी को कांग्रेस ने राज्यसभा भेजने का फ़ैसला किया है. कांग्रेस के 10 उम्मीदवारों की सूची में इमरान इक़लौते मुस्लिम शख़्स हैं-जो राज्यसभा के लिए नामांकन कराएंगे. इस बार तीन मुस्लिम नेता अलग-अलग पार्टियों से राज्यसभा जा रहे हैं. इसमें समाजवादी पार्टी से पूर्व सांसद जावेद अली और राष्ट्रीय जनता दल-आरजेडी से डॉ. फैयाज शामिल हैं. (Imran Pratapgarhi Congress Rajyasabha )

इसमें इमरान प्रतापगढ़ी की उम्मीदवारी काफी दिलचस्प है. इसलिए क्योंकि कांग्रेस में गुलामनबी आज़ाद, सलमान खुर्शीद के अलावा कई दिग्गज मुस्लिम नेताओं की लंबी फेहरिस्त है. इनके बजाय कांग्रेस ने इमरान पर दांव लगाया है. राजनीतिक कौशल और अनुभव के आधार पर देखें तो वरिष्ठ नेता बेशक कांग्रेस की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण हैं. लेकिन आज की तारीख में कांग्रेस जिस हालत में है, उसमें उसे संघर्षशील और जुझारू नेताओं की ज़रूरत है. इमरान प्रतापगढ़ी ने मॉब लिंचिंग के शिकार तमाम लोगों की मदद की है. उनकी ये कोशिश उन्हें लोगों के दिलों के क़रीब ले गई.

इमरान प्रतापगढ़ी कांग्रेस अल्पसंख्यक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें मुरादाबाद से प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वो सपा के डा. एसटी हसन से हार गए थे. इमरान यूपी की फैन फालोइंग पूरे भारत में है. ये अलग बात है कि राजनीक परिस्थितियों की वजह से उनकी समर्थक भीड़ वोटों में तब्दील नहीं हो पाती. लेकिन हालात बदलने पर कांग्रेस के साथ इसका खड़ा होना भी संभव है. (Imran Pratapgarhi Congress Rajyasabha )

राजनीति में आने से पहले भी इमरान प्रतापगढ़ी तमाम सेक्युलर पार्टियों के चुनाव प्रचार में शामिल होते रहे हैं. महाराष्ट्र हो बिहार, यूपी या दूसरे राज्य. वो कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और दूसरे तमाम दल-नेताओं के प्रचार में नज़र आए हैं. कांग्रेस में शामिल होने के बाद वह पार्टी से अल्पसंख्यकों को जोड़ने की कोशिशों में लगे हैं. यही वजह है कि कांग्रेस ने वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं के बजाय इमरान प्रतापगढ़ी को संसद भेजने का फ़ैसला किया.

कांग्रेस से जिन दूसरे लोगों को राज्यसभा भेजा जा रहा है. उनमें राजीव शुक्ला, रनजीत रंजन, अजय माकन, जयराम रमेश, विवेक तनखा, रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी और पी चिदंबरम शामिल हैं. हालांकि इसको लेकर कांग्रेस के भीतर से विरोध और मायूसी की ख़बरें भी बाहर आई हैं. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेरा ने कहा कि शायद मेरी तपस्या में कोई कमी रह गई थी. तो उनके समर्थन में कांग्रेस के बागी होते जा रहे नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भी आ गए और इसे पार्टी के लिए आत्मघाती क़दम बताया है.

कांग्रेस नेत्री और पूर्व अभिनेत्री नग़मा का भी दर्द छलका है. उन्होंने कहा कि मेरी भी 18 साल की तपस्या इमरान भाई के सामने कम पड़ गई. पवन खेरा के मैसेज के जवाब में नग़मा ने ये लिखा है.

बहरहाल, आपको बता दें कि यूपी से समाजवादी पार्टी के समर्थन से आरजेडी प्रमुख जयंत चौधरी ने सोमवार को राज्यसभा के लिए नामांकन कराया है. हाल में कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पहले ही सपा से पर्चा दाखिल कर चुके हैं. (Imran Pratapgarhi Congress Rajyasabha )