मदरसों में अब पहले राष्ट्रगान, फिर ज्ञान… मौलाना सुफियान बोले- बार-बार मदरसों को टारगेट करना गलत

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द लीडर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सभी शिक्षण संस्थानों के साथ मदरसों में पढ़ाई से पहले राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने इस नियम को आज से लागू कर दिया है।

शिक्षा बोर्ड की बैठक में ये अहम फैसला लिया गया है। जिसके बाद रजिस्ट्रार एसएन पांडे ने आदेश में कहा है कि, पिछली 24 मार्च को बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप नये शिक्षण सत्र से सभी मदरसों में प्रार्थना के समय राष्ट्रगान अनिवार्य कर दिया गया है।

मदरसों में पढ़ाई से पहले राष्ट्रगान को लेकर UP मदरसा शिक्षा बोर्ड परिषद ने आदेश जारी किया। यह आदेश मान्यता प्राप्त, अनुदान पाने वाले और अनुदान नहीं पाने वाले सभी मदरसों पर लागू होगा।


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कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना के समय राष्ट्रगान होगा। रमजान और ईद की छुट्टियों के बाद गुरुवार यानी आज से सभी मदरसे खुल चुके हैं। 14 मई से मदरसों में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।

कंप्यूटर के साथ धर्मग्रंथ भी पढ़ेंगे बच्चे- मंत्री दानिश आजाद

यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद ने कहा कि, जब मदरसा छात्र राष्ट्रगान गाएंगे तो समाज के मूल्यों को भी जानेंगे। मदरसा शिक्षा के उत्थान के लिए सरकार काम कर रही है। अब मदरसा के छात्र गणित, विज्ञान, कंप्यूटर के साथ-साथ धर्मग्रंथों का भी अध्ययन करेंगे।

बार-बार मदरसों को टारगेट करना गलत- मौलाना सुफियान

लखनऊ के दारुल उलूम फरंगी महली के प्रवक्ता मौलाना सुफियान निजामी ने कहा कि, मदरसे में राष्ट्रगान अनिवार्य करने पर कोई भी आपत्ति नहीं है, लेकिन बार-बार मदरसों को टारगेट किया जाता है।

पहले कहा गया कि, NCERT की बुक पढ़ाई जाएगी, लेकिन कोई ऐसी बुक नहीं पढ़ाई जा रही है। न ही मदरसों को हाइटेक किए जाने को लेकर कोई भी संसाधन किए जा रहे हैं। इस ऑर्डर से यही सवाल उठता है कि मदरसों में राष्ट्रगान नहीं होता है, न ही कोई पढ़ाई होती है।

वहीं बरेली में तंजीम उलेमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने कहा कि, विशेष मौके जैसे 26 जनवरी , 15 अगस्त पर राष्ट्रगान होता है। मगर यह हर रोज लागू नहीं किया जाना चाहिए। फिर भी हमे कोई एतराज नहीं है। हम पढ़ेंगे। हुकूमत को लगता है कि, देश से मोहब्बत का इजहार इसी तरह से किया जाता है तो हमें एतराज नहीं है।

बोर्ड मीटिंग में लिया गया था ये फैसला

मदरसों में राष्ट्रगान का फैसला UP मदरसा शिक्षा परिषद की बैठक में 24 मार्च को लिया गया था। इसे गुरुवार को रजिस्ट्रार निरीक्षक एसएन पांडेय ने जारी किया है। उन्होंने बताया कि सत्र 2022-23 के स्कूल खुलने पर ही राष्ट्रगान कराने का फैसला किया गया था। मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होने पर यह फैसला लागू कर दिया जाएगा।

14 मई होंगी मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं

यूपी मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं 14 से 23 मई के बीच होंगी। लखनऊ के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जगमोहन की ओर से सभी मदरसों को परीक्षा कार्यक्रम भेजा गया है। इसमें परीक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि, अरबी, फारसी की 2022 की परीक्षा 14 मई से शुरू होगी। पहली पाली सुबह 8 से 11 बजे तक और सीनियर सेकेंडरी की परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5 बजे के बीच होगी। सभी मदरसों से कहा गया है कि अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों को समय सारणी के बारे में जानकारी दें।

इस बार इतने छात्र देंगे परीक्षा

इस बार वार्षिक परीक्षा के लिए कुल एक लाख 62 हजार 631 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। क्लास के हिसाब से देखें तो सेकेंडरी क्लास की परीक्षा के लिए सबसे अधिक 91 हजार 467 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं, सीनियर सेकेंडरी के लिए 25 हजार 921, कामिल फर्स्ट ईयर के लिए 13 हजार 161 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।

कामिल सेकेंड ईयर के लिए 10 हजार 888, कामिल थर्ड ईयर के लिए 9 हजार 796, फाजिल फर्स्ट ईयर के लिए 5 हजार 197 और फाजिल सेकेंड ईयर के लिए 6,201 परीक्षार्थियों ने फार्म भरे हैं।


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