लखनऊ | काशीराम जयंती के मौके पर बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज कांशीराम को याद करते हुए कहा “कांशीराम ने पूरा जीवन बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के सपने को पूरा करने का प्रयास किया, जब तक केंद्र और राज्यों में जातिवादी ,पूंजीवादी एवं संकीर्ण मानसिकता की सरकारें रहेगी तब तक सर्वसमाज के लोगों का भला नहीं हो सकता । वहीं मायावती ने ये भी स्पष्ट किया कि 2022 के चुनाव में उनकी पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ेगी और किसी भी पार्टी से एक भी सीट का समझौता नही करेगी। साथ ही पंचायत चुनाव भी अकेले ही लड़ने की बात की।

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कृषि कानूनों पर मायावती का बयान
कृषि कानूनों को वापस लेने की बात करते हुए मायावती ने कहा कि आज हमारी पार्टी मांग कर रही है कि जब किसान केंद्र सरकार के कानूनों से संतुष्ट नहीं है तो उन्हें वापस लिया जाए। वही जिन किसानों की इस आंदोलन में मौत हुई है उनके परिवार को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देनी चाहिए।

वही मायावती ने प्रदेश में हो रहे एनकाउंटर और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश  सरकार जातिगत दुर्भावना से एनकाउंटर और बुलडोजर का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य सिर्फ मीडिया में प्रचारित हो रहे हैं। इससे आम जनता का कोई फायदा नहीं हो रहा है।

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देश के अलग अलग पांच प्रदेशों में हो रहे चुनावो के लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अकेले चुनाव लड़ने की बात की। उन्होंने कहा कि देश के पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं बसपा पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अकेले दम पर चुनाव लड़ रही है। कांशीराम जयंती के मौके पर मायावती ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वो अपने मोमेंट को आगे बढ़ाए जिससे दलित समाज का भला किया जा सके।

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