महाराष्ट्र : मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर का आरोप, गृहमंत्री अनिल देशमुख चाहते थे हर महीने 100 करोड़ रुपये

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Mumbai Police Commissioner Home Minister Anil Deshmukh 100 Crore Months
महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख.

द लीडर : अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में घिर कर उबरी महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार एक बार फिर विवादों में उलझ गई है. महाराष्ट्र के पुलिस आयुक्त पद से हटाए जाने के बाद परमवीर सिंह ने गृहमंत्री अनिल देशमुख पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. पूर्व पुलिस आयुक्त की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि गृहमंत्री अनिल देशमुख उनकी टीम से 100 करोड़ रुपये महीने जुटाने की चाहत रखते थे.

पूर्व पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह का ये पत्र सामने आने के बाद विपक्षी पार्टी भाजपा, उद्धव सरकार पर हमलावर है. पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने कहा कि गृहमंत्री पर काफी संगीन आरोप लगे हैं. उन्हें फौरन गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. केंद्रीय एजेंसी से इसकी जांच कराई जाए. अगर राज्य सरकार को लगता है कि हमें केंद्रीय जांच नहीं करानी चाहिए तो कोर्ट की निगरानी में जांच कराए.

वहीं केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सचिन वाझे और शिवसेना का करीबी संबंध नजर आ रहा है. मैं गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखने जा रहा हूं कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए.

ये पूरा प्रकरण उस घटनाक्रम से जुड़ा है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के मुंबई स्थिति घर के बाहर एक विस्फोटक से लदी एसयूबी बरामद की गई थी. इसके बाद कार के मालिक मनसुख हिरेन जोकि एक कारोबारी थे, 5 मार्च को मृत पाए गए थे.


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गाड़ी में विस्टफोक मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने मुंबई पुलिस के अधिकारी सचिन वाझे को गिरफ्तार किया था. मुंबई पुलिस की किरकिरी होने के बाद राज्य सरकार ने परमवीर सिंह को मुंबई कमिश्नर के पद से हटा दिया था.

अब मनसुख हिरेन की मौत की जांच भी एनआइए को मिल गई है. लिहाजा, इस घटनाक्रम में कई और राज सामने आ सकते हैं. लेकिन इस बीच पूर्व पुलिस कमिश्नर के पत्र ने उद्धव सरकार की परेशानी बढ़ा दी है.

पत्र में कहा गया है कि गृहमंत्री बार, पार्लर और अन्य जगहों से हर महीने सौ करोड़ रुपये की वसूली चाहते थे. हालांकि इस मामले में अभी तक राज्य सरकार की ओर से कोई सफाई सामने नहीं आई है.

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