फिलिस्तीन पर इजराइल का जुल्म और उस पर संयुक्त राष्ट्र-मुस्लिम देशों की खामोशी को रजा एकेडमी ने बताया शर्मनाक

मुंबई: मुसलमानों के तीसरे सबसे पवित्र धार्मिक स्थल अल अक्सा मस्जिद में बीती रात को इजरायली सुरक्षाबलों के फिलिस्तीनी और अरबी मुसलमानों पर किए गए जुल्म की रजा एकेडमी के प्रमुख मुहम्मद सईद नूरी ने कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इजरायली क्रूरता पर सयुंक्त राष्ट्र संघ, इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और इस्लामिक मुल्कों की खामोशी को शर्मनाक करार दिया है. (Israels Atrocities Palestine UN Muslim Countries Raza Academy )

सईद नूरी ने कहा कि फिलिस्तीन की जमीन पर इजराइल ने अवैध कब्जा जमाया हुआ है. और फिलिस्तीनीयों को उनकी जमीन से बेदखल कर दिया गया. जुल्म और अत्याचार के दम पर फिलिस्तीनीयों की जमीन पर यहूदी बस्तियों को बसाया जा रहा है. जिसका सयुंक्त राष्ट्र सहित जर्मनी, ब्रिटेन, स्पेन आदि मुल्कों ने विरोध किया. लेकिन मुस्लिम देशों ने बेशर्मी के साथ चुप्पी साध रखी है और तमाशाई बने हुए हैं.


फिलिस्तीन : अल अक्सा मस्जिद में इजरायली सैनिकों की बर्बरता के बाद भी नमाज को जुटे सैकड़ों फिलिस्तीनी नागरिक


 

उन्होंने कहा कि इजरायल को इस खून-खराबे और मजलूम फिलिस्तीनियों पर जुल्म का जवाब देना होगा. जल्द ही एक नए दौर का आगाज होगा. जब लहू पुकारेगा और बुजुर्ग, बच्चे, नौजवानों के बहने वाला खून जाया नहीं जाएगा. फिलिस्तीनी मुस्लिम शेख जर्राह में इजराइल के द्वारा अपनी ज़मीन कब्जाए जाने के विरोध में और मस्जिद अल अक्सा पर अपने अधिकारों की बहाली को लेकर एकत्र हुए थे.

वे नमाज अदा करने और दुआ को पहुंचे थे. लेकिन इजरायली सैनिकों ने मस्जिद के अंदर घुसकर जिस तरह निहत्थे लोगों पर गोलियों की बौछार की है. वो मानवता के लिए शर्मसार करने वाली घटना है. जिसमें करीब 180 लोग जख्मी हुए हैं. और कई शहीद हो गए.


फिर संकट में फिलिस्तीन: इजराइल के हवाई हमले में 9 बच्चों समेत 20 मारे गए


 

इजराइल प्रायोजित इस हिंसा को लेकर भारतीय मुस्लिमों के साथ दुनिया भर के मुस्लिम जगत में नाराजगी है. और ट्वीटर पर इंडिया स्टैंड विथ फिलिस्तीन हैशटैग के साथ इजराइल का विरोध किया जा रहा है.

भारत सरकार से अपील की है कि इजरायली दूतावास को तलब कर इस हिंसा पर विरोध दर्ज कराए. इसके साथ ही सयुंक्त राष्ट्र, इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और इस्लामिक मुल्कों को फिलिस्तीनीयों की मदद के लिए हाथ बढ़ाना चाहिए. दौरान मौलाना खलीलउर्रहमान, मौलाना अब्बास रिजवी, मौलाना कारी शाकीब रज़ा, हाफ़िज़ जुनेद रशिदी, मुहम्मद नाज़िम खान, मुहम्मद मुजम्मिल आदि मौजूद रहे. (Israels Atrocities Palestine UN Muslim Countries Raza Academy )

 

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