मानव तस्करों ने 80 प्रवासी मजदूरों को समुद्र में फेंका, 20 से ज्यादा की मौत, कई लापता

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गरीबी, युद्ध और मजबूरियों में फंसे 80 प्रवासी मजदूरों और उनके बच्चों को मानव तस्करों ने समुद्र में फेंक दिया। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन ने यह जानकारी साझा की है।

संगठन ने यह भी कहा है कि पूर्वी अफ्रीका के जिबूती से यमन की यात्रा के दौरान तस्करों ने इस घटना को अंजाम दिया, जिसमें 20 से ज्यादा प्रवासियों की डूबने से मौत हो चुकी है। समुद्र में फेंके गए कई लोग लापता हैं।

इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि बुधवार को 18 साल से कम उम्र के किशोरों समेत तकरीबन 200 प्रवासियों को अलग-अलग देशों के तटों पर उतारने के इरादे से तस्करों ने नाव पर सवार कराया। इसके बाद इनमें से कई के साथ मारपीट की गई और उनके प्रतिरोध करने पर एक-एक करके समुद्र में फेंका जाने लगा। गहरे समुद्र में वे तड़पते हुए समाते चले गए।

आईओएम ने कहा कि पांच शव बरामद किए जा सके हैं और बचे लोगों का जिबूती में इलाज किया जा रहा है। यह फिलहाल साफ नहीं है कि इस खतरनाक सफर के लिए किन देशों के प्रवासियों को ले जाया जा रहा था।

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माना यह जा रहा है कि इथियोपिया या सोमालिया के प्रवासियों और शरणार्थियों को शामिल ले जाया जा रहा था, जो सऊदी अरब या संयुक्त अरब अमीरात में काम करके गरीबी और युद्ध से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

इस तरह की घटना पहली बार सामने नहीं आई है। इससे पहले अक्टूबर महीने में इसी तरह आठ प्रवासियों को तस्करों ने जिबूती के पास नाव से उतार दिया था, जो डूब गए।

2017 में सोमालिया और इथियोपिया के 50 से अधिक प्रवासियों को तस्करों ने यमन के तट से समुद्र में जाने को मजबूर किया था, जिसमें कई की जान चली गई। 2018 में भी यमन के पास नाव असंतुलित होने से लगभग 30 प्रवासियों की मौत हो गई, बचने वालों पर गोलीबारी करने की भी खबरें आईं।

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