हरिद्वार में जा कर पढ़ो मंत्र,रिपोर्ट की क्या जरूरत ….. 

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पारिवारिक कलह का समझौता थानेदार से ऐसा निकाला की जिसने भी सुना माथा पकड़ लिया। दरअसल पारिवारिक कलह के मसले को लेकर एक 58 वर्षीय वृद्ध थाना नौचंदी के थानाध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा के पास पहुंचा तो थानाध्यक्ष महोदय ने कथित रूप से दंपति को हरिद्वार-ऋषिकेश जाने और गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करने और सनातन हिन्दू धर्म के संस्कारों के अनुरूप जीवन जीने की सलाह दी ।हालांकि अपनी इस सलाह को लेकर विवाद पैदा होने के बाद इंस्पेक्टर ऐसी कोई कार्रवाई किए जाने से इंकार कर रहे हैं।

दंपति के वकील के अनुसार पति पत्नी ने थाना प्रभारी की शिकायत आला अफसरों से करने के साथ ही आईजी से इस मामले की जांच कराने की मांग की है। हालांकि अब प्रेमचंद शर्मा इस बात से इंकार कर रहे हैं कि इस संबंध में उन्होंने कोई सुलहनामा लिखवाया था।

पीड़ित के वकील रामकुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि मेरठ पुलिस कानून के साथ मजाक कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह पुलिसिंग की जाएगी तो फिर आईपीसी, सीआरपीसी और पुलिस मैनुअल का कोई मतलब नहीं रह जाता।

उल्लेखनीय है कि थाने में आने वाले फरियादियों के माथे पर तिलक लगाकर और गंगाजल छिड़ककर चर्चाओं में आए थाना नौचंदी के थानाध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा पर इस पारिवारिक विवाद में कराए गए अजीबोगरीब समझौते को लेकर उंगली उठ रही हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शास्त्रीनगर निवासी 58 वर्षीय व्यक्ति ने दो माह पूर्व गाजियाबाद की तलाकशुदा महिला से मंदिर में फेरे लिए थे। महिला अपने 19 वर्षीय बेटे संग वृद्ध के साथ एक गृहिणी के रूप में रह रही है।

वृद्ध का आरोप है कि मां-बेटा उसकी पिटाई करते हैं और संपत्ति हड़पना चाहते हैं। वह शिकायत लेकर नौचंदी थाने पर पहुंचा।

वृद्ध के अनुसार, इंस्पेक्टर ने कार्रवाई की बजाय दोनों पक्षों से एक समझौतानामा लिखवा लिया।

वकील रामकुमार शर्मा के अनुसार, समझौते में कहा गया है कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष शक संवत…विक्रम सम्वत 2066 को हम तीनों लोगों के बीच एक सहमति बनी है। अब हम तीनों देवमाता गायत्री देवी की शरण में जाएंगे। मां गायत्री की एक माला (108 मनके) का जाप नियमित रूप से करेंगे। सामान्य परिस्थतियों में ब्रह्ममुहूर्त में उठकर पूर्ण श्रद्धा और सनातन हिन्दू धर्म के संस्कारों के अनुरूप आज से और अभी से अपना जीवन आगे बढ़ाएंगे।

पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत आज स्थानीय पुलिस के आला अफसरों से भी की है।

पीड़ित पक्ष ने इस मामले में आईजी से कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि इंस्पेक्टर प्रेमचंद शर्मा ने इस आरोप से इंकार किया है कि समझौतानामा उनके द्वारा लिखवाया गया है। इंस्पेक्टर प्रेमचंद शर्मा के अनुसार, वृद्ध की तहरीर पर महिला व उसके बेटे के विरुद्ध मारपीट का केस दर्ज कर लिया था। लेकिन कुछ घंटे बाद दोनों पक्ष समझौतानामा लेकर आ गए। उसमें उन्होंने क्या लिखा, इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं है।

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