दिल्ली : दरांग हिंसा के खिलाफ असम हाउस पर प्रोटेस्ट करने पहुंचे छात्र-एक्टिविस्ट हिरासत से रिहा

द लीडर : असम के दरांग जिले में पुलिसिया हिंसा के खिलाफ शुक्रवार को देश के तमाम हिस्सों में प्रोटेस्ट हुए हैं. दिल्ली के असम हाउस के बाहर विरोध-प्रदर्शन करने पहुंचे जामिया समेत दूसरे संस्थानों के छात्र और एक्टिविस्टों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में रखा और शाम को रिहा कर दिया है. उधर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU)के छात्रों ने भी कैंपस में विरोध मार्च निकाला है. (Delhi Student Protest Assam)

दरांग के सिपाझर इलाके के धौलपुर गांव से 800 लोगों को उनके घरों से बेदखल कर दिया गया है. जिनमें अधिकांश मुस्लिम हैं. इस आरोप में कि वह अवैध तरीके से सरकारी भूमि पर आबाद हैं. सैकड़ों बेघर महिला-बच्चे ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे डेरा डाले हुए हैं. जहां उन्होंने गुरुवार को विरोध-प्रदर्शन किया था. लेकिन पुलिस ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर गोलियां चला दीं. जिसमें दो ग्रामीण मारे गए हैं. इनमें अमीनुल हक और शेख फरीद हैं.

अमीनुल हक के सीने में गोली मारी है. गोली मारने के बाद भी पुलिस के जवानों का एक झुंड उन्हें पीटता रहा. इसके बाद विजॉय नामक फोटोग्राफर अमीनुल के सीने पर कूदता है. उन्हें गले में घूंसा मारता है.


इसे भी पढ़ें –असम : दरांग में अतिक्रमण हटाने के विरोध पर पुलिस ने की फायरिंग, दो की मौत, दिल दहलाने वाला वीडियो वायरल


 

अमीनुल हक के साथ क्रूरता की हद यहीं पूरी नहीं हुई. उनके पिता का कहना है कि बाद में उनकी लाश को जेसीबी से टांगकर रखा गया. और फिर फेंक दिया गया. इसका वीडियो वायरल होने के बाद सरकार की आलोचना हो रही है.

इसी को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता फहाद अहमद, शरजील उस्मानी समेत अन्य लोगों ने असम हाउस के घेराव का आह्वान किया. इसमें तमाम छात्र और छात्राएं शामिल हुए. विरोध के दौरान ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. (Delhi Student Protest Assam)

वहीं, दिल्ली और असम कांग्रेस ने भी विरोध-प्रदर्शन किया है. और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है. हालांकि कांग्रेस के अलावा किसी और राजनीतिक दल ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है. सीपीआइएमल की नेता कविता कृष्णन पूरे मामले को लेकर काफी आक्रोशित रहीं. उन्होंने सिलसिलेवार तरीके से कई ट्वीट करके सरकार पर निशाना साधा है.

ट्वीटर मुस्लिम लाइवज मैटर और असम हॉरर हैशटैग के साथ ये घटनाक्रम ट्रैंड कर रहा है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के भाई सुशांता बिस्वा सरमा दरांग जिले के एसपी हैं.

जमीयत उलमा-ए-हिंद ने भी असम घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है. जमीयम ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिए जाने के साथ ही उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने और दोषी पुलिसकर्मी व लाश पर हमला करते वीडियोेग्राफर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. (Delhi Student Protest Assam)

 

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