Cyclone Asani: समुद्री लहरों के साथ बह के आया सोने का रथ, चक्रवात ‘असानी’ से निपटने के लिए 50 टीमें तैनात

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द लीडर। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात असानी अब आंध्रप्रदेश की ओर बढ़ रहा है. इस बीच आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम इलाके में उफनती समुद्री लहरों के साथ एक सोने का रथ बह आया है. यह रथ कहां से बहकर आया इस बात की जानकारी अभी तक नहीं हुई है.

जानकारी के मुताबिक, यह सोने का रथ श्रीकाकुलम जिले के सुन्नापल्ली तट पर मिला है. बताया जा रहा है कि यह रथ म्यांमार, मलेशिया या थाइलैंड का हो सकता है. इलाके के SI नौपाड़ा ने बताया कि शायद यह रथ किसी दूसरे देश से आया हो इसलिए हमने इंटेलिजेंस और उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है.


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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस रथ पर सोने की परत चढ़ी है. इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि रथ समुद्र की लहरों के बीच बहता हुआ तट के करीब पहुंचा. इसे देखकर स्थानीय लोगों ने उसे समुद्र से बाहर निकाला. स्थानीय लोगों ने रथ को रस्सियों से बांधकर किनारे तक पहुंचाया.

तूफान से निपटने के लिए 50 टीमें तैनात

चक्रवाती तूफान असानी से निपटने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (NDRF) ने कुल 50 टीमों को तैनात किया है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवात के 11 मई की दोपहर तक काकीनाड़-विशाखापत्तनम तटों के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है.

मठ के जैसा है रथ का आकार

समुद्र में बहते रथ को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने उसे रस्सियों से बांधकर किनारे तक पहुंचाया। रथ का आकार दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के एक मठ जैसा है. रथ के चक्रवात असानी के प्रभाव से भटकर यहां पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. चूंकि कम दबाव का क्षेत्र सबसे पहले दक्षिण अंडमान सागर पर बना था, इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि ये रथ म्यांमार, थाईलैंड, मलेशिया या इंडोनेशिया जैसे अंडमान सागर के करीबी किसी देश का हो सकता है.

चक्रवाती तूफान ‘असानी’ की स्थिति

चक्रवाती तूफान असानी का खतरा फिलहाल टलता जा रहा है. अभी इसका रुख आंध्र प्रदेश की तरफ है. तूफान के 12 मई तक पूरी तरह कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई है. हालांकि इसके असर से आंध्र प्रदेश सहित बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ में 11 से 13 मई तक बारिश होने तथा तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है.

आंध्र प्रदेश में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. विशेष राहत आयुक्त,भुवनेश्वर, ओडिशा प्रदीप कुमार जेना के अनुसार, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तक पहुंचने के बाद तूफान विशाखापट्टनम तक आने के बाद फिर समुद्र में मिल जाएगा. इस दौरान ये कमजोर हो जाएगा. 12 मई की सुबह चक्रवात पूरी तरह कमज़ोर हो जाएगा.


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