AIMIM प्रवक्ता दानिश कुरैशी गिरफ्तार, शिवलिंग पर किया था आपत्तिजनक कमेंट

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द लीडर | AIMIM के नेता रह चुके दानिश कुरैशी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उनके ऊपर धार्मिक भावनाओ को भड़काने वाली अभद्र टिप्पणी सोशल मीडिया पर करने के आरोप पर अहमदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दानिश कुरैशी को IT एक्ट और IPC की धारा 153 A, ओर 295 A के तहत एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने की कार्यवाई की है. दानिश कुरेशी की टिप्पणी को लेकर वीएचपी समेत हिन्दू संगठनों ने विरोध कर पुलिस कार्यवाई की की मांग थी. दानिश कुरैशी को उनके घर से ही पुलिस ने गिरफ्तार किया.

साइबर क्राइम के सहायक पुलिस आयुक्त जेएम यादव ने मीडिया को बताया कि दानिश कुरैशी नाम के ट्विटर हैंडल से आपत्तिजनक पोस्ट की गई थी. इस पोस्ट में दानिश कुरैशी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद में मिले शिवलिंग पर सवाल उठाया था. इस पर उन्होंने अभद्र टिप्पणी की. पुलिस अधिकारी ने बताया, दानिश के ट्वीट से एक समुदाय की भावनाएं आहत हुईं, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. उन्होंने बताया दानिश के खिलाफ दो पुलिस थानों में मामला दर्ज किया गया था.


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योगी देवनाथ ने गिरफ्तारी की माँग की

दानिश की टिप्पणी के बाद, हिंदू संगठनों ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों से कुरैशी को हिरासत में लेने का आह्वान किया. हिंदू युवा वाहिनी के प्रभारी योगी देवनाथ ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री से दानिश कुरैशी की गिरफ्तारी की माँग की.

किया जा रहा शिवलिंग मिलने का दावा

दरअसल, हाल ही में वाराणसी की सेशन कोर्ट के आदेश के बाद ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे कराया गया था. इस सर्वे के आखिरी दिन हिंदू पक्षकार ने परिसर में शिवलिंग मिलने का दावा किया था. इसके बाद कोर्ट ने इस जगह को सील करने का आदेश दे दिया था. हालांकि, मुस्लिम पक्ष शिवलिंग मिलने के दावे को लगातार नकार रहा है. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वह शिवलिंग नहीं, बल्कि फव्वारा है. जो लगभग हर मस्जिद में लगा होता है. उधर, हिंदू पक्ष के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर भी लंबी बहस छिड़ गई है. तमाम लोग इस दावे के समर्थन में पोस्ट लिख रहे हैं. तो वहीं, कई लोग इस दावे का विरोध भी कर रहे हैं. हालांकि, इस दौरान आपत्तिजनक कमेंट भी किए जा रहे हैं.

ओवैसी ने फैसले का किया था विरोध

एआईएमआईएम चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी लगातार ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे को लेकर मुखर रहे हैं. उन्होंने वाराणसी अदालत द्वारा सर्वे के आदेश के फैसले की तीखी आलोचना की थी. ओवैसी ने कहा था कि लोअर कोर्ट का ये निर्णय सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना है. वहीं ज्ञानवापी में सर्वे के अंतिम दिन कथित तौर पर शिवलिंग मिलने के दावे पर एआईएमआईएम सांसद ने कड़ा रूख अख्तियार करते हुए कहा कि चाहे जो भी हो वह ज्ञानवापी को दूसरा बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे. बता दें कि ओवैसी लगातार अपने बयानों में प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 का जिक्र करते रहे हैं, इस कानून के मुताबिक, 5 अगस्त 1947 से पहले अस्तित्व में आए किसी भी धर्म के पूजा स्थल को किसी दूसरे धर्म के पूजा स्थल में नहीं बदला जा सकता। अगर कोई ऐसा करने की कोशिश करता है, तो उसे एक से तीन साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है.

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