द लीडर। उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में जीत के बाद भाजपा जश्न में मग्न है. तो वहीं विपक्ष हार के सदमे डूबा है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत ने एक बार फिर मोदी-योगी मैजिक पर मुहर लगा दी है. भाजपा ने 403 सीटों वाली विधानसभा में 273 सीटें जीती हैं.
जबकि विपक्षी दल समाजवादी पार्टी महज 111 सीटों पर ही सिमट गई. बसपा और कांग्रेस का तो लगभग सूपड़ा ही साफ हो गया. और एआइएमआइएम खाता भी नहीं खोल पाई. लेकिन ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव बड़ी जोर-शोर से लड़ा.
UP चुनाव परिणामों को ओवैसी ने 80-20 की जीत बताया
उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणामों को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 80-20 की जीत बताया है. एआईएमआईएम के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि, लोकतंत्र में इस तरह की परिस्थिति अगले कई सालों तक बनी रहेगी. उन्होंने गुजरात और राजस्थान के साथ-साथ अन्य राज्यों के चुनाव लड़ने की भी घोषणा की है.
यह भी पढ़ें : मीडिया पर जातिवादी रवैये का आरोप : मायावती बोलीं- TV Debate में शामिल नहीं होंगे बसपा के प्रवक्ता
उनकी पार्टी जनादेश का सम्मान करती है- ओवैसी
उन्होंने कहा कि, उनकी पार्टी जनादेश का सम्मान करती है और भविष्य में जनता का विश्वास जीतने के लिए प्रयास जारी रखेगी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कड़ी मेहनत करेगी और अपनी खामियों को दूर करेगी।.साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई की उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम का भविष्य अच्छा होगा.
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, सफलता तो जरूर मिली है, लेकिन यह सफलता 80-20 की है. ओवैसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार में दिए गए 80-20 वाले बयान की ओर इशारा कर रहे थे.
सीएम योगी ने कहा था कि, उत्तर प्रदेश में 80 फीसदी बनाम 20 फीसदी के बीच की लड़ाई है. विपक्ष ने योगी के इस बयान की आलोचना की थी. उसका कहना था कि, आदित्यनाथ का यह बयान सांप्रदायिक है, क्योंकि प्रदेश में मुस्लिमों की आबादी करीब 20 फीसदी है.
खराबी लोगों के दिमाग में लगाई गई चिप में है- ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि, राजनीतिक दल अपनी हार छिपाने को वोटिंग मशीनों को दोष देते हैं. उन्होंने कहा कि, मैंने 2019 में भी कहा था कि, खराबी मशीनों में नहीं, लोगों के दिमाग में लगाई गई चिप में है. वहीं चिप बड़ी भूमिका निभा रही है.
यह भी पढ़ें : दांडी मार्च, जिसने सिखाया कि कैसे सरकार के कानून को आम जनता तोड़ सकती है





