सपा के पूर्व ज़िलाध्यक्ष वीरपाल का टिकट कटा, बिथरी में सपा ने मौजूदा जिलाध्यक्ष अगम को बनाया कैंडिडेट

द लीडर : उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने बरेली ज़िले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं. बरेली कैंट से बड़ा फेरदबल हुआ है. यहां से डॉ. अनीस बेग का टिकट फाइनल होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार रहीं सुप्रिया ऐरन को सपा ने ऐन वक़्त पर प्रत्याशी बनाकर सबको चौंका दिया है. बिथरी-चैनपुर से पार्टी ने जिलाध्यक्ष अगम मौर्य को कैंडिडेट बनाया है. (Samajwadi Party Agam Maurya)

बहेड़ी से पूर्व मंत्री अताउर्रहमान, भोजीपुरा से शहजिल इस्लाम और मीरगंज से सुल्तान बेग पर एक बार फिर से भरोसा जताया है. इनके टिकट फाइनल हो गए हैं. बिल्सी से भाजपा के मौजूदा विधायक आरके शर्मा को सपा ने आंवला से प्रत्याशी बनाया है. आरके शर्मा हाल ही में भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए थे.

पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार की नवाबगंज से दावेदारी पहले से ही मजबूत थी. उनके टिकट की औपचारिक घोषणा भी हो गई है. फरीदपुर सीट से पूर्व विधायक विजय पाल सिंह को मैदान में उतारा है. फरीदपुर से कई दिग्गज नेता टिकट की लाइन में थे. इसमें ब्रह्मस्वरूप सागर, जो कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हुए थे. उनके अलावा पूर्व विधायक सियाराम सागर के परिवार से भी दावेदारी पेश की जा रही थी. इनमें सपा ने विजयपाल को मज़बूत आंकते हुए टिकट थमा दिया. वह सपा में बसपा छोड़कर आए हैं. (Samajwadi Party Agam Maurya)


इसे भी पढ़ें- 5 पूर्व सेनाध्यक्षों ने धर्म संसद को बताया घृणा सभा, सैन्य बलों को उकसाने का आरोप


 

बिथरी-चैनपुर सीट को लेकर ज़्यादा ऊहापोह की स्थिति बनी थी. इसलिए क्योंकि यहां से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के महासचिव और सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव को टिकट मिलने की मज़बूत संभावना थी. जब प्रगतिशील के मुखिया शिवपाल सिंह बरेली आए थे तो अपनी पार्टी से वीरपाल सिंह के टिकट का एलान कर गए थे लेकिन सपा मुखिया अखिलेश यादव की नाराज़गी और स्थानीय सपा नेताओं का विरोध उन्हें भारी पड़ गया.

सपा का टिकट इस पार्टी के जिलाध्यक्ष अगम मौर्पय को मिल गया. वैसे इस सीट पर नाम भाजपा छोड़कर आए जिला उपाध्यक्ष नेमचंद्र मौर्या का भी चल रहा था, जो स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ सपा में शामिल हुए हैं.

बरेली शहर सीट से राजेश अग्रवाल ही सपा के प्रत्याशी हैं. उनकी उम्मीदवारी पर संकट के बादल सुप्रिया ऐरन के सपा में आने और कैंट से टिकट मिलने पर संकट मंडराने लगा था, क्योंकि दो टिकट एक ही जाति वैश्य से जुड़े लोगों को दिए जाने से पार्टी में सवाल होने लगे थे. राजेश अग्रवाल भाग्य के धनी रहे. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने तमाम क़यासों के बीच उन्हें सिंबल थमा दिया. (Samajwadi Party Agam Maurya)

(आप हमें फ़ेसबुकट्विटरइंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

Related Posts

Bareilly News:  बरेली डीएम मरीज बनकर पहुंचे जिला अस्पताल, लाइन में लगकर जाना अल्ट्रासाउंड का हाल 

बरेली: बरेली के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बुधवार सुबह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, लेकिन इस बार कुछ हटकर अंदाज में डीएम खुद मरीज बनकर अस्पताल पहुंचे और अपनी पहचान…

मणिपुर में 3 बार भूकंप के झटकों से दहला इलाका, लोग दहशत में घरों से बाहर भागे

National News : मणिपुर में एक बार फिर धरती कांप उठी। बुधवार की तड़के मणिपुर के कई इलाकों में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन झटकों ने लोगों…