राजस्थान : इस्लाम को आतंकवाद का रूप बताने वाली किताब के प्रकाशक पर एफआइआर, सदन में उठा मुद्​दा

राजस्थान : इस्लाम को आतंकवाद का दूसरा रूप बताने वाली किताब के प्रकाशक पर एफआइआरद लीडर : राजस्थान में कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार 12वीं कक्षा के छात्रों को ये पढ़ा रही है कि इस्लामिक आतंकवाद-इस्लाम की ही एक रूप है. इस्लाम को आतंकवाद के साथ प्रचारित करती इस खिताब पर मुस्लिम समाज ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. विधायक अमीन रजा और रफीक खान ने विधानसभा में ये मुद्दा उठाते हुए किताब पर रोक लगाने और प्रकाशक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ता मोहसिन रशीद टोंक, जाहिदा शबनम समेत अन्य सामाजिक कार्यकर्तओं ने प्रकाशक के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई है.

हालांकि इस मामले में प्रकाशक ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांग ली है. लेकिन इस घटना ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार को सवालों के घेरे में ला दिया है. इसलिए क्योंकि ये संजीव प्रकाशन पास बुक्स की ये किताब राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में 12वीं के कक्षा के राजनीतिक विज्ञान के छात्रों को पढ़ाई जा रही है.

इसमें एक प्रश्न है, इस्लामी आतंकवाद से आप क्या समझते हैं? इसका उत्तर लिखा है कि, ‘इस्लामी आतंकवाद-इस्लाम का ही एक रूप है. पिछले 20-30 सालों में ये अत्यधिक शक्तिशाली बन गया है. आतंकवादियों में किसी एक गुट विशेष के प्रति समर्पण का भाव न होकर एक समुदाय विशेष के प्रति समर्पण भाव है.


इसे भी पढ़ें -राजस्थान : गहलोत सरकार छात्रों को पढ़ा रही-इस्लाम का ही एक रूप है इस्लामी आतंकवाद


 

समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता इस्लामिक आतंकवाद की मुख्य प्रवृत्ति है. पंथ या अल्लाह के नाम पर आत्मबलिदान और असीमित बर्बरता, ब्लैकमेल, जबरन धन वसूली और निर्मम-नृशंस हत्याएं करना, ऐसे आतंकवाद की विशेषता बन गया है. जम्मू कश्मीर में आतंकवाद पूर्णतया धार्मिक, पृथकतावादी श्रेणी में आता है.’

जमाअते इस्लामी हिंद-राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मुहम्मद निजामुद्​दीन कहते हैं कि ‘इस्लाम को आतंकवाद से जोड़ने के घृणित प्रयास की हम निंदा करते हैं. यह मासूम बच्चों के दिमाग में इस्लाम और मुसलमानों के प्रति नफरत पैदा करेगा. संजीव पास बुक्स की किताब में इस्लाम और आतंकवाद को सीधे तोर पर एक ही बताया गया है.

Rajasthan Government Islamic Terrorism Teaching

यह खुले रूप में इस्लाम धर्म का अपमान है. मांग उठाई कि राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक मंडल किताब के आपत्तिजनक भाग को तत्काल हटाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षा में ऐसे आपत्तिजनक प्रश्न नहीं पूछे जाएंगे. लेखकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए.’ मीडिया प्रभारी हारून रशीद ने प्रकाशक के यहां तोड़फोड़ की भी निंदा की है.


इसे भी पढ़ें : इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति को क्यों चुभने लगी अजान की आवाज


 

राजस्थान अल्पसंख्यक कांग्रेस के राज्य समन्वयक व मुस्लिम फोरम के समन्वयक मोहसिन रशीद टोंक बताते हैं कि प्रकाशक के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है. उन्होंने कहा कि किताब की बिक्री रोक दी गई है.

हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस जवाब सामने नहीं आया है.

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सुन्नी-बरेलवी मुसलमानों के मरकज (केंद्र) दरगाह आला हजरत और ताजुश्शरिया के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के उपाध्यक्ष सलमान हसन खां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यालय से संपर्क साधा है, जिसमें तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई है. सलमान हसन के मुताबिक मुख्यमंत्री के ओएसडी डीके भारद्वाज ने आश्वस्त किया है कि ये पाठ्य सामग्री किताब से हटाई जाएगी. और मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है.

सलमान हसन ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस के दिल्ली कार्यालय पर संपर्क कर आपत्ति दर्ज कराई है कि आखिक कैसे एक धर्म को आतंकवाद के रूप में परिभाषित कर प्रचारित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस किताब पर तत्काल प्रतिबंध लगाना चाहिए.

Related Posts

Bareilly News:  बरेली डीएम मरीज बनकर पहुंचे जिला अस्पताल, लाइन में लगकर जाना अल्ट्रासाउंड का हाल 

बरेली: बरेली के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बुधवार सुबह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, लेकिन इस बार कुछ हटकर अंदाज में डीएम खुद मरीज बनकर अस्पताल पहुंचे और अपनी पहचान…

मणिपुर में 3 बार भूकंप के झटकों से दहला इलाका, लोग दहशत में घरों से बाहर भागे

National News : मणिपुर में एक बार फिर धरती कांप उठी। बुधवार की तड़के मणिपुर के कई इलाकों में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन झटकों ने लोगों…