द लीडर : स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑग्रेनाइजेशन ऑफ इंडिया (SIO) ने त्रिपुरा की मुस्लिम विरोधी सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सोशल मीडिया यूजर्स को निशाना बनाए जाने की सख्त लहजे में निंदा की है. एक बयान में एसआइओ ने कहा-”बहुसंख्यकवादी राज्य के इन हथकंडों से हम चुप नहीं रहेंगे. बल्कि सांप्रदायिकता के खिलाफ पूरी ताकत के साथ बोलते रहेंगे. जिन एक्टिविस्ट, छात्र, पत्रकार और वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. हम उनके साथ खड़े हैं.” (Tripura Violence UAPA SIO)
एसआइओ के राष्ट्रीय सचिव फवाज शाहीन ने एक प्रेस नोट जारी किया है. मीडिया रिपोर्ट्स का हवाले देते हुए कहा कि, त्रिपुरा पुलिस ने सोशल मीडिया पर ”विकृत और आपत्तिजनक सामग्री” पर अंकुश लगाने के बहाने कई ट्वीटर यूजर्स के अकाउंट सस्पेंड करने को कहा गया है. पुलिस ने उनके खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम-यूएपीए के तहत मामला भी दर्ज किया है.
दरअसल, 68 लोगों की एक सूची सामने आई है. जिसमें त्रिपुरा पुलिस ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट के लिंक ट्वीटर को भेजे हैं. जिसमें अकाउंट सस्पेंड करने को कहा है. और उनके खिलाफ यूएपीए के अलावा भारतीय दंड संहिता की कठोर धाराएं लगाई गई हैं.
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इस पर एसआइओ ने कहा कि, ”सोशल मीडिया यूजर्स ने हिंसा की उन विभिन्न घटनाओं को प्रकाश में लाने में अहम भूमिका अदा की है. जिन्हें मुख्यधारा के मीडिया द्वारा नजरंदाज किया गया था. दूसरी तरफ राज्य की पुलिस और अधिकारियों ने इन आपराधिक तस्वीरों को कम करने और हालात सामान्य होने की झूठी तस्वीर पेश करने की कोशिश की.” (Tripura Violence UAPA SIO)
”त्रिपुरा पुलिस अल्पसंख्यक मुसलमानों की संपत्ति और आजीविका की रक्षा करने के अपने कर्तव्य को निभाने में पूरी तरह से विफल रही, क्योंकि इसने हिंदुत्ववादी संगठनों को खुली छूट दी. और अब दंगाइयों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई करने की बजाय, निर्दोष सोशल मीडिया यूजर्स को सता रहे हैं.”
हम पुलिस द्वारा निशाने बनाए जा रहे व्यक्तियों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. और इन निंदनीय आरोपों के खिलाफ लड़ने का संकल्प लेते हैं. हम त्रिपुरा के मुसलमानों के लिए न्याय और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करना जारी रखेंगे. पुलिस की यह मनमानी नहीं चलेगी. (Tripura Violence UAPA SIO)
त्रिपुरा पुलिस ने शुरुआत में सुप्रीमकोर्ट के दो वकीलों के खिलाफ यूएपीए लगाया था, जो फैक्ट फाइंडिंग टीम के साथ त्रिपुरा का दौरा करने गए थे. लेकिन अब एक नई सूची सामने आई है, जिसमें 68 लोगों के खिलाफ यूएपीए लगाए जाने की बात सामने आ रही है. हालांकि त्रिपुरा पुलिस ने इसको लेकर अभी तक कोई अधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.





