UP : सरकार ने 100 लोगों का प्रतिबंध हटाया, क्या आला हजरत के उर्से रजवी में आ सकेंगे जायरीन

द लीडर : उत्तर प्रदेश सरकार ने शादी समारोह और दूसरे आयोजनों में 100 लोगों के ही शामिल होने के प्रतिबंधों को हटा लिया है. जो आला हजरत के उर्से-रजवी के मद्​देनजर बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. प्रतिबंधों की वजह से ही दरगाह पर ऑनलाइन उर्स मनाए जाने का फैसला लिया गया था. लेकिन सरकारी ढिलाई से इसमें आम जायरीन के पहुंचने का रास्ता, काफी हद तक साफ हो गया है. (Ala Hazrat Urse Razvi)

बरेली के इस्लामिया मैदान में 2 से 4 अक्टूबर तक उर्से रजवी मनाया जाएगा. पिछले साल उर्स ऑनलाइन हुआ था. इस बार भी कार्यक्रम का प्रसारण ऑनलाइन किया जाएगा.

पिछले दिनों जिला प्रशासन ने दरगाह इंतजामियां के साथ बैठक की थी. जिसमें अधिकतम 100 लोगों के साथ उर्स मनाए जाने की इजाजत दी थी. 28 सितंबर को यूपी के गृह विभाग ने एक आदेश जारी किया है. जिसमें कहा है कि, ”शादी और दूसरे समारोह, जिनका आयोजन खुले स्थानों पर होगा, वहां क्षेत्रफल के अनुसार अनुमति दी जाती है. लेकिन कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन जरूरी है. प्रवेश द्वार पर कोविड हेल्प डेस्क लगाना अनिवार्य है.”


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मतलब खुले स्थान पर जो आयोजन होंगे, वहां उस स्थान के क्षेत्रफल के बराबर लोग शामिल हो सकेंगे. लेकिन ये रियायत केवल खुले स्थानों के लिए ही है. बंद स्थान, मतलब हॉल बगैरह में 100 लोगों की ही अनुमति रहेगी.

आला हजरत का उर्स इस्लामियां इंटर कॉलेज मैदान में मनाया जाता है, जोकि खुला है. उसका क्षेत्रफल काफी है. सरकारी आदेश के मद्​देनजर खुले स्थल पर कार्यक्रम में 100 लोगों के प्रतिबंध हटा लिए गए हैं.

इस्लामियां मैदान में उर्से रजवी की तैयारी.

सरकारी रियायत के बाद भी उर्स किस स्वरूप में मनाया जाएगा. इसको लेकर दरगाह की ओर से अभी कोई स्थिति साफ नहीं की गई है. दरगाह से प्रशासन से संपर्क रखने वाले हाजी जावेद ने कहा कि इस मामले में जल्द ही बात रखी जाएगी.

इस्लामियां मैदान के साथ दरगाह आला हजरत, ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित मदरसा जामियातुर्रजा में तैयारियां चल रही हैं. इस्लामियां और दरगाह के बाद जायरीन के लिए जामियातुर्रजा में बड़ा मंच बनाया जाता है. वहां भी खुला स्थल है.

दरगाह से जुड़े लोगों के मुताबिक संक्रमण प्रतिबंधों को लेकर सरकार के नए आदेश के बाद जिला प्रशासन से बातचीत चल रही है. उम्मीद है कि जल्द ही पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी. (Ala Hazrat Urse Razvi)

आपको बता दें कि दरगाह से उर्स के पोस्टर एक महीना पहले जी जारी किए जा चुके हैं. जिन्हें ई-मेल और स्पीड पोस्ट के माध्यम से देश-दुनियाभर में फैले अकीदतमंद और मुरीदों तक भेजा जा चुका है. इसलिए बाहरी जायरीन उर्स में हाजिरी की योजना भी बना चुके हैं. लेकिन इस सबके बीच जायरीन को उर्स में आने की इजजाजत है या नहीं. इस पर कोई रुख साफ नहीं किया गया है.

बहरहाल, इस्लामिया मैदान में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं. इसलिए भी, क्योंकि उर्स में अब चंद रोज ही बचे हैं. आमतौर पर अब इस वक्त तक तैयारियां मुकम्मल हो जाया करती थीं.

कोविड से पहले तक उर्स रजवी में लाखों जायरीन की भीड़ बरेली पहुंचती है. जिसके लिए जिला प्रशासन के सहयोग से दरगाह इंतजामियां मिलकर सुरक्षा, बिजली-पानी की व्यवस्थाएं करते हैं.

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