सीएम के माफ़िया को मिट्टी में मिलाने के एलान पर काम शुरू-अतीक का बेटा असद और शूटर ग़ुलाम ढेर

The Leader. आख़िरकार विधानसभा में माफ़िया को मिट्टी में मिला देने के सीएम योगी आदित्यनाथ के एलान का असर सामने आ गया है. एसटीएफ ने झांसी के पास मुठभेड़ में माफ़िया अतीक अहमद के बेटे असद और एक शूटर को मार गिराया है. उमेशपाल हत्याकांड में नामज़द असद पर पुलिस ने 5 लाख का इनाम घोषित कर रखा है. दावा किया गया है कि मुठेभड़ में मारे गए असद और शूटर से विदेशी हथियार भी बरामद हुए हैं. यह मुठभेड़ तब हुई है, जब अतीक अहमद को गुजरात की साबरमती और उसके भाई अशरफ़ को बरेली जेल से प्रयागराज कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया है. दोनों ही एनकाउंटर में जान का ख़तरा जता चुके हैं.


अतीक अहमद की बहन बोलीं-मिट्टी में मिलाने का मतलब सड़क पर गोली मारना तो नहीं


अतीक गैंग के शूटर का नाम ग़ुलाम पुत्र मक़सूदन बताया जा रहा है. उस पर भी 5 लाख का इनाम था. उमेशपाल हत्याकांड को लेकर राजनीतिक दांव-पेंच के बीच यूपी पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई है. जब प्रयागराज में उमेशपाल शूट आउट हुआ था तो विधानसभा का सत्र चल रहा था. इस बड़ी वारदात पर सदन के अंदर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उलझ गए थे. अखिलेश ने क़ानून व्यवस्था को निशाना बनाया तो जवाब में सीएम योगी ग़ुस्से से भर गए थे. सदन में ही एलान कर दिया था कि माफ़िया को मिट्टी में मिला देंगे. तब उनके इस बयान का ख़ूब चर्चा हुआ था. साथ ही राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे थे.


अतीक़ अहमद को उम्र क़ैद लेकिन भाई अशरफ़ पर साबित नहीं हो सका जुर्म


जिस तरह उमेशपाल हत्याकांड के बाद माफ़िया अतीक अहमद पर शिकंजा कसा उससे लग भी रहा था कि पुलिस कुछ बड़ा करने की तैयारी में लगी है. सभी का फोकस गुजरात की साबरमती जेल में बंद अतीक और बरेली जेल में निरुद्ध अशरफ़ पर था. दोनों को ही जब पेशी के लिए जेल से बाहर निकालकर प्रयागराज ले जाया गया तो बातचीत में दोनों ने ही जान का ख़तरा बताया था. अशरफ़ ने तो यह भी इल्ज़ाम लगाया कि एक बड़े अफसर ने कहा है कि दो हफ़्ते में जेल से निकालकर ढेर कर दिए जाओगे लेकिन हुआ इसके उलट. अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर ग़ुलाम का झांसी में एनकाउंटर यही बता रहा है. आगे पुलिस क्या करती है, नज़रें इस पर लग गई हैं.