एटा में वोटिंग कल : क्या भाजपा 2017 की तरह लहराएगी परचम या विपक्षी दल मारेंगे बाजी, जानिए सभी सीटों का सियासी समीकरण ?

द लीडर। यूपी में कल यानी रविवार को तीसरे चरण का मतदान होना है। इस मतदान को लेकर सभी पार्टियों के दिग्गज नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। और जनता से वोट की अपील की है। इसके साथ ही जनता को अपनी सरकार में हुए कार्यों के बारे में बताया गया है। और उनसे अपने दल को जिताने की अपील की गई है।

यूपी में 2 चरणों का चुनाव हो चुका है। बाकी सात चरणों में चुनाव होने बाकी है। जिसमें कल तीसरे चरण का चुनाव होगा। जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। एटा जिले की बात करें तो यहां विधानसभा की 4 सीटें हैं। जिसमें कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

क्या एटा में परचम लहराएगी भाजपा ?

एटा में क्या एक बार फिर से बीजेपी अपना परचम लहराएगी या विपक्षी दल सेंध मारेंगे। ये तो 10 मार्च को नतीजे आने पर ही पता चलेगा। हम बात कर रहे है। एटा जिले की, जहां की चार विधानसभा सीटों पर तीसरे चरण में 20 फरवरी रविवार को मतदान होगा।


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मदतान से पहले सभी पार्टियां जनता को लुभाने में लगी हुईं हैं। बीजेपी सरकार के बीते पांच वर्ष और उसके पहले समाजवादी पार्टी की सरकार की तुलना बीजेपी के नेता जनता से करा रहे हैं। वह जहां अपराध पर लगाम, गुंडागर्दी खत्म करने के साथ ही विकास की बात लेकर जनता का विश्वास जीतने की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं समाजवादी पार्टी रोजगार, महंगाई, किसानों के साथ मुफ्त वाली घोषणाओं के सहारे जीत का परचम लहराना चाह रही है। बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशी भी अपनी के वादों और घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को लुभाने में लगे हैं।

एटा की सभी सीटों पर भाजपा-सपा की सीधी टक्कर

इस चुनाव में एटा जनपद की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा और सपा की सीधी टक्कर होती दिखाई दे रही है। अलीगंज विधानसभा सीट पर बीजेपी-सपा-बसपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला दिखाई दे रहा है तो एटा सदर सीट पर भी बीजेपी का बसपा-सपा प्रत्याशी का खेल बिगाड़ते नजर आ रहे हैं।

वहीं मारहरा विधानसभा पर भी ऐसा ही कुछ नराजा दिखाई पड़ रहा है। अब 20 फरवरी को जनता ईवीएम का बटन दबाकर अपना फैसला सुनाएगी कि, उसे किस पर भरोसा है। उससे पहले हम आपको यहां की चारों विधानसभा सीटों के समीकरण से रूबरू करवाते हैं।

एटा में 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी एटा सदर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के विपिन वर्मा डेविड का सपा के कद्दावर जुगेन्द्र सिंह यादव से मुकाबला होता दिखाई दे रहा है। यहां सपा से टिकट न मिलने पर सपा से बगावत करके बसपा से चुनाव मैदान में आये अजय यादव भी सपा का खेल बिगाड़ सकते हैं।

मजबूती के साथ सभी प्रत्याशी मैदान में ?

अलीगंज विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी सत्यपाल राठौर और सपा के रामेश्वर सिंह यादव में सीधा मुकाबला होता दिखाई दे रहा है। बसपा के जुनेद मियां भी मुस्लिम प्रत्याशी होने के कारण मुस्लिम, दलित वोट के जरिए मजबूती के साथ मैदान में नजर आ रहे हैं।

मारहरा विधानसभा में भी भाजपा के प्रत्याशी वीरेंद्र लोधी व सपा प्रत्याशी अमित गौरव टीटू में सीधा मुकाबला होने के साथ-साथ बसपा के योगेश शाक्य भी भाजपा का खासा नुकसान करते नजर आ रहे हैं।

जलेसर सुरक्षित सीट पर भाजपा प्रत्याशी संजीव दिवाकर का सीधा मुकाबला सपा के वरिष्ठ नेता रामजी लाल सुमन के पुत्र रणजीत सुमन से होता दिखाई दे रहा है। एटा में 2017 के विधानसभा चुनाव में जिले की चारों सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी चुनाव जीते थे। एटा जिले में अगर कुल मतदाताओं की बात करें तो यहां कुल 1281191 संख्या है।


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एटा सदर 104 विधानसभा कुल मतदाता- 336081

■ यादव- 65 हजार
■ वैश्य- 45 हजार
■ लोधी- 35 हजार
■ एससी- 45 हजार
■ ब्राह्मण- 30 हजार
■ क्षत्रिय- 20 हजार
■ मुस्लिम- 20 हजार

मारहरा 105 विधानसभा में मतदाताओं की संख्या- 308371

■ लोधी- 90 हजार
■ यादव- 60 हजार
■ शाक्य- 23 हजार
■ बघेल- 22 हजार
■ एससी- 40 हजार
■ ठाकुर- 22 हजार
■ ब्राह्मण- 12 हजार
■ वैश्य- 8 हजार
■ मुस्लिम- 12 हजार

अलीगंज 103 विधानसभा मतदाताओं की संख्या- 340334

■ ठाकुर- 60 हजार
■ यादव- 55 हजार
■ ब्राह्मण- 26 हजार
■ वैश्य- 12 हजार
■ शाक्य- 45 हजार
■ लोधी- 30 हजार
■ कश्यप- 45 हजार
■ मुस्लिम- 30 हजार

जलेसर सुरक्षित 106 विधानसभा में वोटरों की संख्या- 296405

■ यादव- 71 हजार
■ जाटव- 40 हजार से ज्यादा
■ धनगर- 38 हजार
■ लोधी- 29 हजार
■ ठाकुर- 28 हजार
■ मुस्लिम- 25 हजार
■ कुशवाहा- 18 हजार
■ वैश्य- 13 हजार
■ ब्राह्मण- 8 हजार
■ दिवाकर- 6 हजार
■ कश्यप- 5 हजार
■ सविता- 4 हजार
■ अगरिया कठेरिया- 4 हजार
■ बाल्मीकि- 4 हजार
■ प्रजापति- 2 हजार
■ अन्य- 1 हजार

2017 में चारों सीटों पर खिला था कमल

इस बार के चुनाव में भले ही चारों सीटों पर मुकाबला कड़ा दिखाई दे रहा है। लेकिन 2017 के चुनाव में बीजेपी की लहर में चारों सीटों पर कमल खिला था। जिनमें एटा सदर से विपिन वर्मा डेविड, अलीगंज विधानसभा सत्यपाल सिंह राठौर, मारहरा विधान सभा वीरेंद्र लोधी, जलेसर विधानसभा संजीव दिवाकर भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।


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