उवैसी के बंगाल में चुनाव लड़ने के एलान पर यूपी से मौलाना तौकीर का बड़ा एलान

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(Maulana Tauqeer Owaisi Bengal)
साल 2017 में दरगाह आला हजरत परिसर स्थित मौलाना तौकीर रजा के आवास पर मौजूद उवैसी.

वसीम अख्‍तर

द लीडर. पश्चिम बंगाल बंगाल के विधानसभा चुनाव इसी साल होने हैं. उसके लिए राजनीतिक घमासान शिद्​दत इख्तेयार कर रहा है. हालांकि बिहार चुनाव के बाद ही यह तय हो गया था कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन (एआइएमआइएम) के मुखिया असदुद्​दीन उवैसी का अगला पड़ाव पश्चिम बंगाल होगा, जिसका उन्होंने रविवार को कोलकाता पहुंचकर विधिवत एलान कर दिया. (Maulana Tauqeer Owaisi Bengal)

उनके इस एलान के कुछ घंटे बाद ही एक और एलान दरगाह आला हजरत खानदान की अहम शख्सियत मौलाना तौकीर रजा खां की तरफ से हुआ है. ऑल इंडिया इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के नाम से राजनीतिक पार्टी चलाने वाले मौलाना तौकीर ने धमकी भरे लहजे में कहा है कि अगर उवैसी बंगाल जाते हैं तो हम भी वहां जाएंगे.

उन्हें (उवैसी) सांप्रदायिक दलों से सांठगांठ की बुनियाद पर मुस्लिम वोटों का बंटवारा नहीं करने देंगे. बंगाल चुनाव के बाद हैदराबाद जाकर भी उवैसी को चुनौती पेश की जाएगी

बंगाल में तृणमूल और भाजपा के बीच मचे घमासान के बीच उवैसी ने कोलकाता से सीधे हुगली जिले के श्रीरामपुर क्षेत्र के फुरफुरा शरीफ मजार पहुंचकर हाजरी दी. पीरजादा अब्बास सिद्दीकी के साथ बैठक के बाद बंगाल के विधानसभा चुनाव में उतरने का एलान कर दिया. (Maulana Tauqeer Owaisi Bengal)

फुरफुरा शरीफ दरगाह, फोटो

उनके ऐसा करते ही तृणमूल कांग्रेस के साथ कांग्रेस ने भी उन्हें आड़े हाथों लिया है. सबसे खास बात यह कि इस खींचतान में आइएमसी के मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां भी कूद आए हैं. वह एआइएमआइएम सुप्रीमो उवैसी को चेतावनी पहले ही दे चुके थे.

कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के बरेली शहर स्थित आवास आवास पर प्रेस कांफ्रेंस में कहा था-अगर उवैसी बंगाल गए तो फिर हम हैदराबाद जाएंगे. उनके खिलाफ कंडीडेट उतारेंगे. सोमवार को मौलाना ने द लीडर से बातचीत में कहा-सांप्रदायिक दलों को फायदा पहुंचाने के लिए मुस्लिम वोटों के बंटवारे की कोशिश नाकाबिले कुबूल है. (Maulana Tauqeer Owaisi Bengal)

उवैसी ही नहीं हम भी बंगाल जाएंगे. वहां मुसलमानों के बीच एआइएमआइएम की असलियत बयां करेंगे. बताएंगे कि भाजपा से मिलकर उवैसी कौम को कितना बड़ा नुकसान पहुंचाने की कोशिश रहे हैं.

बंगाच पहुंचे सांसद असदुद्दीन उवैसी. फोटो, साभार-एएनआइ ट्वीटर

अपनी इस कोशिश को कामयाब बनाने के लिए हम मुहिम छेड़ेंगे. किसी के बहकावे में आकर चुनाव में बंटें नहीं, मुसलमानों को समझाएंगे. मौलाना ने कहा कि बात यहीं खत्म नहीं होगी. बंगाल का हिसाब हैदराबाद में भी चुकता किया जाएगा. वहां लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी-आइएमसी, उवैसी के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार लड़ाएगी. (Maulana Tauqeer Owaisi Bengal)



दोस्ती में खटास

एआइएमआइएम के मुखिया असदुद्दीन उवैसी बरेली में दरगाह आला हजरत पर हाजरी देने भी आ चुके हैं. पिछले साल वह बरेली में मौलाना तौकीर रजा खां के मेहमान बने थे. साथ मिलकर सांप्रदायिक दलों के खिलाफ लड़ने का एलान किया था. संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में दोनों ही ने एक दूसरे की तारीफ की थी.

उस वक्त की बातचीत में साफ संकेत मिले थे कि दोनों मुस्लिम शख्सियत साथ मिलकर चुनावी रण में कूदेंगी.

उवैसी के बरेली आने पर हुई दोस्ती बंगाल चुनाव से पहले टूटती दिख रही है. वहां के चुनाव में दोनों के रास्ते अलग होंगे. उवैसी तृणमूल कांग्रेस की मुखिया एवं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ ताल ठोकेंगे तो इसके जवाब में मौलाना तौकीर एआइएमआइएम की मुखालेफत करते दिखाई देंगे. यानी दोनों के रास्ते अलग होंगे. दोस्ती सियासी दुश्मनी में तब्दील हो जाएगी. (Maulana Tauqeer Owaisi Bengal)

दरगाह आला हजरत

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आला हजरत की दरगाह है, जो देश में सुन्नी-बरेलवी मुसलमानों का मरकज (केंद्र) मानी जाती है. मौलाना तौकीर रजा खां का ताल्लुक इसी घराने है. यूपी, बिहार, बंगाल समेत देशभर से सुन्नी मुसलमानों की दरगाह आला हजरत से अकीदत है. ऐसे में अगर मौलाना तौकीर रजा खां बंगाल का रुख करते हैं, तो उवैसी को चुनौती मिल सकती है. (Maulana Tauqeer Owaisi Bengal)

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