कड़ी सुरक्षा में प्रयागराज से बरेली सेंट्रल जेल वापस लौटा अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव

द लीडर हिंदी : अंडर वर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव को प्रयागराज कोर्ट में पेशी के बाद सोमवार देर रात करीब तीन बजे वापस बरेली लाया गया.

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे वापस बरेली सेंट्रल जेल में दाखिल किया गया और उसकी बैरक में रखा गया. इस दौरान भारी पुलिस फोर्स माैजूद रहा.

बता दें कि डॉन बबलू श्रीवास्तव को रविवार दोपहर करीब ढाई बजे सेंट्रल जेल से निकाला गया था और पुलिस के कड़े पहरे में प्रयागराज ले जाया गया था.

प्रयागराज कोर्ट में सोमवार को बबलू श्रीवास्तव की 2015 के सराफा व्यापारी अपहरण कांड में पेशी हुई. इस दौरान कोर्ट में इतने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे कि परिंदा भी पर न मार सके.

बबलू श्रीवास्तव की पेशी से पहले ही पुलिस फोर्स ने गेट से लेकर कोर्ट रूम तक सख्त सुरक्षा घेरा बना लिया था. इसके बाद बूलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर बबलू श्रीवास्तव को भारी फोर्स की मौजूदगी में कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया.

कोर्ट में पेशी के बाद सुरक्षा घेरे में ही उसे परिसर से बाहर ले जाया गया. इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस वाहन से उसे वापस बरेली लाया गया. रात करीब तीन बजे डॉन बबलू श्रीवास्तव को वापस बरेली सेंट्रल जेल में दाखिल कर दिया गया.

बताते चले कि माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव का असली नाम ओम प्रकाश श्रीवास्तव है. वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का रहने वाला है.

वह अपने भाई की तरह सेना में अफसर बनना चाहता था. लेकिन लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के दौरान हुई एक छोटी सी घटना ने उसकी जिंदगी काे पूरी तरह बदल दिया और वह क्राइम की दुनिया में किडनैपिंग किंग बन गया.

एक वक्त ऐसा भी था कि जब देश ही नहीं, बल्कि बाहर के मुल्कों में भी उसकी अपराध की दुनिया में तूती बोलती थी. उसने अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के साथ भी काम किया. बाद में उसका जानी दुश्मन बन गया.

बबलू श्रीवास्तव ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पुणे में एडिशनल पुलिस कमिश्नर एलडी अरोड़ा की दिनदहाड़े सरेआम गोलियाें से भूनकर हत्या कर दी थी. जिससे पूरे देश में खलबली मच गई थी.

इसी मामले में बबलू श्रीवास्तव बरेली सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. वह 1999 से बरेली सेंट्रल जेल में बंद है.

Abhinav Rastogi

पत्रकारिता में 2013 से हूं. दैनिक जागरण में बतौर उप संपादक सेवा दे चुका हूं. कंटेंट क्रिएट करने से लेकर डिजिटल की विभिन्न विधाओं में पारंगत हूं.

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