राजस्थान की राजनीति में उथल पुथल, अजय माकन बोले MLA नहीं चाहते सचिन सीएम बने

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Sachin pilot with Ashok Gahlot
Sachin pilot with Ashok Gahlot

The leader Hindi: राजस्थान में नए सीएम के चयन पर गहलोत गुट ने ब्रेक लगा दिया है। गहलोत समर्थक विधायकों ने हाईकमान की ओर से भेजे गए दोनों ऑब्जर्वर मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन से मिलने से मना कर दिया। आज दोपहर बाद 2 बजे के करीब खड़गे और माकन दिल्ली लौटेंगे। दिल्ली जाने से पहले माकन ने मीडिया से कहा- सीएम के कहने और उनकी सुविधा अनुसार विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। उसमें विधायकों का नहीं आना अनुशासन हीनता है। हम एक-एक विधायक से मिलकर उनकी राय जानना चाहते थे, लेकिन वे सामूहिक रूप से मिलने पर अड़े रहे।

माकन ने कहा- गहलोत समर्थक विधायक 102 MLA में से ही सीएम बनाने की बात पर अड़े हैं। वे अपनी बात को रेज्यूलेशन में शामिल करने की मांग कर रहे थे। जबकि रेज्यूलेशन एक लाइन का होता है। कांग्रेस के इतिहास में सशर्त रेज्यूलेशन आज तक पास नहीं हुआ है। इससे पहले सीएम गहलोत के कहने पर ही बैठक बुलाई गई थी। हम एक-एक विधायक से बात करना चाहते थे। वे एक साथ मिलना चाह रहे थे।

इस बीच, राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा सुबह जयपुर में होटल मैरिएट में दोनों ऑब्जर्वर से मिलने पहुंचे। उन्होंने खड़गे-माकन से विधायकों की रायशुमारी को लेकर चर्चा की।
CM अशोक गहलोत समर्थक अपने तीन सूत्री एजेंडे पर अड़े हुए हैं। ये विधायक गहलोत के अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के बाद ही राजस्थान में उनकी मर्जी से ही सीएम बनाने और पायलट को किसी भी हालत में मौका नहीं देने की गारंटी चाहते हैं। इन विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने देर रात अजय माकन से साफ कह दिया कि 19 अक्टूबर तक किसी तरह की विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे।

नए सीएम के चयन पर हुए विवाद और गहलोत समर्थक विधायकों के बागी सुरों को देखते हुए अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मनाने का प्रयास किया, लेकिन बात बनी नहीं। अब दोनों दिल्ली जाकर सोनिया गांधी को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट सौेंपेंगे। इसके बाद में हाईकमान राजस्थान को लेकर कोई फैसला कर सकती है।
वहीं, खबरों के मुताबिक राजस्थान के मसले को लेकर सोमवार शाम को दिल्ली में 10 जनपथ पर बैठक बुलाई गई है। इसमें कांग्रेस के संगठन महासचिव वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन भी मौजूद रहेंगे।

राजस्थान के यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के बंगले पर आज फिर बैठकों का दौर जारी रहने की संभावना है। गहलोत के समर्थक विधायकों ने अपनी रणनीतिक बैठकों के लिए धारीवाल के बंगले को ही मुख्य सेंटर बनाया गया है। दिन में विधायक यहां फिर जुटेंगे। धारीवाल के बंगले पर बैठक के बाद कांग्रेस विधायक स्पीकर सीपी जोशी के बगंले पर जाकर कल रात दिए गए इस्तीफे स्वीकार करने की मांग करेंगे। हालांकि जिस फॉर्मेट में इस्तीफे दिए हैं, वे मंजूर नहीं होंगे।

इन सब सियासी घटनाक्रम के बीच सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक लगातार चुप्पी साधे हुए हैं। गहलोत समर्थक विधायकों के विधायक दल की बैठक के बहिष्कार और पायलट का खुलकर विरोध करने के बाद भी अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक जानकार इसे रणनीतिक चुप्पी बता रहे हैं।

समर्थक विधायकों के बागी तेवर अपनाने के बाद से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी कोई बयान नहीं आया है। बदले समीकरण के बीच समर्थक विधायक तो गहलोत के अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने तक के खिलाफ हो गए हैं। वे उन्हें राजस्थान का सीएम बन रहने की पैरवी कर रहे हैं। कल शांति धारीवाल के बंगले पर हुई बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा था। गहलोत ने रविवार को जैसलमेर में कहा था कि नया सीएम उसे बनाइए जो सरकार रिपीट करवा सके, यह बात 9 अगस्त को ही हाईकमान को कह दी थी।

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