रामपुर : किसान आंदोलन में शामिल होने पर पुलिस ने सज्जादानशीन को कथित रूप से हड़काया, मौलाना तौकीर बोले-ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं

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Rampur Police Farmer Agitation Maulana
रामपुर में सज्जादानशीन से मुलाकात करने पहुंचे मौलाना तौकीर रजा खां.(बीच में)

द लीडर : किसान आंदोलन में शामिल होने पर उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की एक दरगाह के सज्जादानशीन को पुलिस द्वारा कथित रूप से हड़काने का मामला सामने आया है. बरेली के आला हजरत खानदान से ताल्लुक रखने वाले इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां शुक्रवार को रामपुर पहुंचे. और सज्जादानशीन से मुलाकात की. मौलाना ने कहा कि महज आंदोलन में जाने भर से अगर एक वर्ग विशेष के लोगों को निशाना जाएगा. भेदभावपूर्ण कार्रवाई हुई तो इसका कड़ा विरोध होगा. (Rampur Police Farmer Agitation Maulana)

पत्रकारों से बातचीत में मौलाना ने कहा कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि कानून व्यवस्था हाथ में न लें. लेकिन शांतिपूर्वक विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है. इससे किसी को नहीं रोका जा सकता.

सज्जादानशीन के साथ पुलिस ने जो अभद्र व्यवहार किया है. इससे लोगों में नाराजगी है. आौर इसके जिम्मेदार पुलिस अधिकारी हैं. पुलिस को चाहिए कि कानून व्यवस्था का पालन कराए, न कि कानून को अपने हाथों में लेकर किसी को हड़काने लगे.

मौलाना ने कहा कि हम किसान आंदोलन का समर्थन करते हैं और जल्द ही आंदोलन में शामिल होने जाएंगे. उन्होंने सीएए-एनआरसी आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि जिन लोगों के हाथ में पत्थर हैं-और वो फुटेज में कैद हुए हैं. उन पर कार्रवाई करना तो ठीक है. लेकिन बेकसूरों के घरों पर नोटिस चस्पा किया जाना, बर्दाश्त नहीं होगा.


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मौलाना बोले, वर्ग विशेष के लोगों को अपमानित करने का खुलकर विरोध किया जाएगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है कि यहां के कप्तान फिल्में ज्यादा देखते हैं.

इसलिए वे लोगों को फिल्मी अंदाज में हड़का रहे हैं. इससे पहले गुरुवार को मौलाना ने बरेली में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में सज्जादानशीन को कथित रूप से हड़काए जाने की घटना की निंदा की थी.

रामपुर के किसान की हुई थी ट्रैक्टर परेड में मौत

26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड हुई थी. इसमें एक किसान नवरीत की मौत हो गई थी, जो रापपुर जिले के ही निवासी थे. नवरीत की मौत से जुड़ी खबर प्रकाशित करने पर द वायर के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन और रिपोर्टर इस्मत आरा के विरुद्ध रामपुर पुलिस ने केस दर्ज किया था. ये मामला अदालत में है.

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