भारत में लोकतंत्र के हालात सोच से ज्यादा बदतर

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लखनऊ | कांग्रेस नेता राहुल गाँधी देश के एहम मुद्दों को लेकर अपनी आवाज़ उठाते रहते हैं और सरकार को कटघरे में खड़ा करते रहते हैं। इस बार राहुल गाँधी ने देश में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी को लेकर आवाज़ उठाई है। कुछ विदेशी संस्थाओं द्वारा भारत में लोकतांत्रिक स्थिति की आलोचना की गई है, जिसपर राहुल गांधी का कहना है कि भारत में हालात उससे भी बदतर हैं, जितना वो अंदाजा लगा रहे हैं।

अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आशुतोष से एक चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमें किसी दूसरे देश की संस्था से लोकतंत्र का सर्टिफिक नहीं चाहिए. लेकिन, उन्होंने जो टिप्पणी की है वो बिल्कुल सही है. भारत में इस वक्त हालात उससे भी बदतर हैं, जितना उन्होंने सोचा है.

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बीते दिनों फ्रीडम हाउस और अन्य एक संस्था ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत में अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में है, साथ ही भारत अब ‘पार्टली फ्री’ है. भारत सरकार ने इस तरह की रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया था. कांग्रेस में उठ रही अलग-अलग आवाज़ों पर राहुल गांधी बोले कि मैं कांग्रेस पार्टी के अंदर उसकी विचारधारा की लड़ाई लड़ रहा हूं और मैं इससे पीछे नहीं हटूंगा. राहुल ने कहा कि RSS और उसकी नीतियों के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी.

राहुल गांधी ने कहा कि करीब तीस साल से मेरे परिवार को कोई व्यक्ति सत्ता में नहीं है, फिर भी ऐसा माहौल बनाया जाता है कि सत्ता हमारे पास ही है. मेरा कांग्रेस में एक रोल है, मैं अपने रोल से हटूंगा नहीं है. राहुल ने कहा कि वह पार्टी के अंदर भी लोकतंत्र लाना चाहते हैं और शुरुआत से ही चुनाव के पक्षधर रहे हैं.

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