महाराष्ट्र में सियासी संकट : क्या गिर जाएगी उद्धव ठाकरे सरकार, संजय राउत ने दिए विधानसभा भंग होने के संकेत

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द लीडर। महाराष्ट्र में सियासी घमासान जारी है। उद्धव ठाकरे भी जल्द ही सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं। महाराष्ट्र में ये सियासी घमासान तब शुरू हुआ जब शिवसेना विधायक और मंत्री एकनाथ शिंदे ने बगावत का बिगुल फूंका। जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया।

वहीं अब ये कहा जा रहा है कि, उद्धव ठाकरे भी सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं। शाम पांच बजे सीएम उद्धव ठाकरे बैठक करेंगे। शिवसेना ने सभी विधायकों को व्हिप जारी किया। वहीं बैठक में विधायकों के शामिल न होने पर सदस्यता रद्द की जा सकती है।

महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान

शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे की बगावती तेवर कारण महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। एकनाथ शिंदे गुवाहाटी के होटल रेडिसन ब्लू में मौजूद है। और उनका दावा है कि, पार्टी के 46 विधायक उनके साथ है। इसके बाद महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे सरकार पर संकट गहराने लगा है।


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शिवसेना सांसद संजय राउत ने विधानसभा भंग होने के संकेत दिए है। इसके साथ ही कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी है। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया जा रहा है कि, सीएम उद्धव ठाकरे कैबिनेट की मीटिंग में इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं।

समर्थन वापसी की चिट्ठी दे सकतें हैं एकनाथ शिंदे

एकनाथ शिंदे का कहना है कि, शाम तक समर्थन वापसी की चिट्ठी दे सकतें हैं। एकनाथ शिंदे विधानसभा अध्यक्ष को चिट्ठी भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि, बीजेपी के किसी भी नेता से कोई संपर्क नहीं है। हमारे साथ 46 विधायक है। इसके साथ ही अभी और विधायक हमारे साथ आएंगे।

उन्होंने कहा कि, मैं हिंदुत्व की विचारधारा के साथ हूं। एकनाथ शिंदे ने कहा कि, हम बालासाहेब के कट्टर शिव सैनिक हैं। बालासाहेब ने हमें हिंदुत्व सिखाया है। हम बालासाहेब के विचारों और धर्मवीर आनंद दिघे साहब द्वारा मिली शिक्षाओं के साथ आगे बढ़ेंगे।

आदित्य ठाकरे ने अपने ट्विटर बायो से हटाया ‘मंत्री’ शब्द

वहीं सियासी हलचल के बीच उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने अपने ट्विटर बायो से ‘मंत्री’ शब्द हटाकर अटकलों को और भी हवा दे दी है। आदित्य ठाकरे महा विकास अघाड़ी सरकार में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ पर्यटन और प्रॉटोकॉल मंत्री हैं।

महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक समाप्त

महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में आठ मंत्री शामिल नहीं हुए। वहीं शिवसेना सांसद संजय रावत ने कहा कि, सभी विधायक मुंबई में होंगे तभी कोई फैसला होगा। वहीं इस बीच सीएम उद्धव ठाकरे से संजय राउत मिलने जा रहे हैं। इस बीच शरद पवार से हाथ मिलाकर कमलनाथ बैठक से बाहर निकल गए है।

बता दें कि, शिवसेना नेता संजय राउत द्वारा विधानसभा भंग होने के संकेत देने के बाद से महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचलें बढ़ गई हैं। भाजपा के सभी विधायक देवेंद्र फडणवीस के घर जुटने लगे हैं। वहीं कांग्रेस नेता कमलनाथ भी बालासाहेब थोराट के घर पहुंच गए।

बालासाहेब थोराटी बोले- कांग्रेस के सभी 44 विधायक हमारे साथ

जैसे ही कांग्रेस विधायक दल की बैठक शुरू हुई पार्टी नेता बालासाहेब थोराट ने कहा कि, सभी 44 विधायक पार्टी के साथ हैं। उन्होंने कहा कि, 44 में से 41 विधायक थोराट के आवास पर हुई बैठक में शामिल हुए, जबकि तीन रास्ते में हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने कहा कि, भाजपा ने जो राजनीति शुरू की है वह धन और बाहुबल की है जो संविधान के खिलाफ है। मैंने इसे बहुत देखा है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना में एकता कायम होगी।

मध्यावधि चुनाव पर कोई बातचीत नहीं : छगन भुजबल

राकांपा के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि, मध्यावधि चुनाव को लेकर अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। उनकी टिप्पणी शिवसेना के संजय राउत द्वारा राज्य विधानसभा को भंग करने की दिशा में एक ट्वीट में संकेत देने के तुरंत बाद आई है।

उद्धव ठाकरे और गवर्नर कोश्यारी कोरोना संक्रमित

बता दें कि, महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच कोरोना का विस्फोट हुआ है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बाद अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कोरोना की चपेट में आ गए है। नाना पटोले और कमलनाथ ने इसकी जानकारी दी है। वहीं कोरोना संक्रमित होने के कारण सीएम उद्धव वर्चुअली बैठक में शिरकत की।

कमलनाथ बोले- देश में सौदे की राजनीति हो रही

वहीं इससे पहले कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि, आज देश में सौदे की राजनीति हो रही है। मध्यप्रदेश का उदाहरण आप जानते हैं। ये राजनीति हमारे संविधान के विपरीत है और भविष्य के लिए खतरे की बात है। शिवसेना को खुद तय करना है कि वे अपने विधायकों से कैसे बात करेंगे। कांग्रेस के विधायक बिकाऊ नहीं हैं।


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