UP Nikay Chunav: जनता ने बनाया मूड,पार्टी ना चेहरा, जमीन पर काम करने वालों को देंगे वोट

लखनऊ। 4 मई को निकाय चुनाव के लिए मतदान होने हैं। इससे पहले सभी पार्टियों के प्रत्याशी विकास के मुद्दे को लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं। दूसरी तरफ लखनऊ की जनता पार्टी नेताओं के चेहरे के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने वालों को वोट देने का मूड बना चुकी है। ऐसे में लखनऊ मेयर प्रत्याशियों की जीत का दावा करना जनता पर कुछ खास असर डालती नहीं दिख रही है।
लखनऊ मेयर पद की महिला सुरक्षित सीट पर कुल 13 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। इनमें प्रमुख पार्टियों की बात करें तो भारतीय जनता पार्टी से सुषमा खरकवाल, समाजवादी पार्टी से वंदना मिश्रा,बहुजन समाज पार्टी से शाहीन बानो,कांग्रेस पार्टी से संगीता जायसवाल व आम आदमी पार्टी से अंजू भट्ट सहित 13 अन्य महिलाओं का नाम शामिल है। ये सभी उम्मीदवार पार्टी व विकास के मुद्दों को लेकर चुनाव प्रचार कर रही है।
चुनावी मुद्दे की बात करें तो लखनऊ शहर को स्मार्ट शहर बनाने के अलावा कूड़े का सही निस्तारण, पेयजल की व्यवस्था,24 घंटे बिजली,ट्रैफिक व्यवस्था,पार्कों का निर्माण,साफ सफाई व छुट्टे जानवरों का बड़ा मसला है। मेयर पद पर जीत दर्ज करने वाले उम्मीदवार प्राथमिकता के साथ काम करने का दावा कर रही है।
सपा मेयर पद की प्रत्याशी वंदना मिश्रा ने लखनऊ वासियों से वादा किया। मेयर बनने पर लखनऊ शहर को एक पुनः अंतरराष्ट्रीय हेरिटेज के रूप में सम्मान दिलाऊंगी। इसके साथ ही पार्कों में योग सेंटर बनाना व छुट्टे जानवरों को आत्मनिर्भर करने पर काम करूंगी।
बीजेपी प्रत्याशी सुषमा खरकवाल ने दावा किया देश का नम्बर वन स्मार्ट सिटी के रूप में लखनऊ का नाम हो इसपर प्राथमिकता के साथ काम करूंगी।
आप पार्टी की प्रत्याशी अन्नू भट्ट ने कहां कि दिल्ली माडल की तरह लखनऊ में काम करूंगी। यहां स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो। ट्रैफिक से लोगों को निजात मिले प्राथमिकता के साथ काम करूंगी।
मेयर उम्मीदवारों के वादों को लखनऊ वासियों ने जुमला बताया और कहां जीत के बाद कोई नजर नहीं आता। इस बार के चुनाव में किसी पार्टी या नेता का चेहरा देख कर वोट नहीं करेंगे बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वालो को ही वोट देंगे।
गौरतलब है कि देश के सुप्रसिद्ध शहर में एक नाम लखनऊ का भी शामिल है। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य के अलावा पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण है। दूर दराज से आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए प्राथमिकता पर काम होना जरूरी है।