किसान आंदोलन : अगले 13 दिन बेहद खास, संभलकर चलाना होगा आंदोलन

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Government Conspiracy Defame Farmers Movement
फोटो, एएनआइ Twitter

नई दिल्ली : किसान आंदोलन पर सुप्रीमकोर्ट ने जो चार सदस्यीय कमेटी बनाई है. किसान नेताओं ने उससे बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया है. स्पष्ट किया है कि अगर हम कमेटी बनाए जाने के पक्षधर होते, तो भी इन सदस्यों से किसी भी सूरत में बात नहीं करते, जिन्हें कमेटी में रखा गया है. किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने ‘द लीडर’ से खास बातचीत में कमेटी के गठन पर ही आपत्ति जाहिर की है.

क्या इस पर सुप्रीमकोर्ट की अवमानना का कुछ मामला बन सकता है? इसके जवाब में दर्शनपाल सिंह कहते हैं कि नहीं, ऐसा नहीं लगता. क्योंकि कमेटी बनाने के लिए हमने कोई सहमति नहीं दी थी.

कुछ आता है तो देखेंगे. किसान नेताओं ने 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परेड को लेकर साफ किया है कि ये कार्यक्रम होगा. इस बीच उन्होंने आंदोलन को बेहद संभालकर चलाए जाने की चिंता भी जाहिर की है.

कानून होल्ड करेंगे इसकी उम्मीद नहीं थी

दर्शनपाल सिंह कहते हैं कि सुप्रीमकोर्ट कमेटी बनाएगा. ऐसा तो लगता था, पर कानूनों को कुछ देर के लिए होल्ड कर दिया जाएगा. ये उम्मीद नहीं थी. मेरे ख्याल से कमेटी नहीं बनानी चाहिए थी. फिर उसमें भी चारों लोग कानून बनाने वाले या उसके पक्ष में हैं जो उन्हें लागू भी कराना चाहते हैं. उन्हें रखा गया है. इसका मतलब है कि जानबूझकर ऐसा किया गया है.

15 जनवरी को बातचीत क संभावना कम

केंद्र सरकार और किसानों के बीच 8 दौर की बातचीत हो चुकी है. 9वें दौर की बात 15 जनवरी को प्रस्तावित है. क्या अब ये बातचीत हो पाएगी? दर्शनपाल सिंह कहते हैं कि इसकी संभावना कम है. सरकार कहेगी कि सुप्रीमकोर्ट की कमेटी के पास जाओ.


सुप्रीमकोर्ट ने जो कमेटी बनाई है, उसके सभी सदस्य कृषि कानूनों को सही मानते : किसान नेता


 

26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड को लेकर वे कहते हैं कि जिला मुख्यालयों पर इसका अभ्यास चल रहा है. हजारों की संख्या में ट्रैक्टर शामिल हो रहे हैं. परेड में बड़ी तादाद में किसान आएंगे. किसान नेताओं को 26 जनवरी तक ये आंदोलन बहुत संभलकर और संभालकर चलाना होगा. इसके बाद ये और बड़ा होगा. ऐसी उम्मीद जताते हैं. उन्‍होंने दोहराया क‍ि तीनों कृषि कानून वापस न होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

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