भारतीय डिजिटल फर्मों के लिए भी परेशानी का सबब है जैक मा की ‘गुमशुदगी’, ये है वजह

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भारत-चीन के बीच भू-राजनैतिक तनाव दरम्यान अचानक बोरिया बिस्तर समेटने वाले चीन के अलीबाबा ग्रुप की मुसीबत भारतीय डिजिटल फर्मों के लिए भी परेशानी का सबब है।

पिछले साल अगस्त में रिपोर्ट सामने आई थी कि तनाव के बीच भारतीय कंपनियों में निवेश की योजना बनाई है। फिर अचानक अलीबाबा के संस्थापक और फिनटेक वेंचर एंट ग्रुप के मालिक जैक मा ‘गायब’ हो गए।

बाजार में पूंजी का डेटा रखने वाली अमेरिका से संचालित पिचबुक के अनुसार, अलीबाबा और उसके सहयोगी अलीबाबा कैपिटल पार्टनर्स और एंट समूह (जिसे एंट फाइनेंशियल नाम से भी जाना जाता है) ने 2015 के बाद से भारतीय कंपनियों में 200 करोड़ डॉलर से अधिक का निवेश किया।

पिछले पांच वर्षों में, वेंचर इंटेलिजेंस के आंकड़ों के अनुसार, चीनी निवेशकों (चीनी बहुराष्ट्रीय कंपनी समेत) ने भारतीय स्टार्ट-अप कंपनियों में 570 करोड़ डॉलर से ज्यादा पूंजी का निवेश किया है।

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अलीबाबा ग्रुप के फिनटेक वेंचर्स के जरिए इन कंपनियों ने डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म पेटीएम, ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और बिग बास्केट में निवेश किया। जोमैटो ने पिछले साल जनवरी में एंट फाइनेंशियल से 15 करोड़ डॉलर जुटाए थे। एंट फाइनेंशियल 2018 से जोमैटो में निवेशक है।

दरअसल, जैक मा का नुकसान तब हुआ, जब शंघाई स्टॉक एक्सचेंज (एसएसई) ने सबसे बड़े आईपीओ को सूची को 37 अरब डॉलर की पूंजी की स्थिति में दर्ज किया। इस गिरावट के पीछे नियामक परिवर्तनों का हवाला दिया गया।

ये खबर फैलते ही अलीबाबा के शेयरों में हांगकांग में लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि जैक मा को संपत्ति में 3 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। तब से, जैक मा ‘लापता’ हैं।

26 दिसंबर को चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने विनियामक वार्ता के लिए एंट समूह को बुलाया, साथ ही फिनटेक फर्म के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा कर नियामक उल्लंघनों को ‘ठीक’ करने के लिए कहा।

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बैंकिंग प्राधिकरण ने एंट समूह के लिए पांच-बिंदु अनुपालन एजेंडा रखा है। एजेंडा यह है कि एंट समूह भुगतानों में अपनी जड़ों की ओर लौटें और लेनदेन में अधिक पारदर्शिता लाए।

निर्देश दिया, ” अपने क्रेडिट व्यवसायों के लिए आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करना चाहिए, उपयोगकर्ता के डेटा गोपनीयता की रक्षा करना चाहिए, एक वित्तीय होल्डिंग कंपनी स्थापित करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके पास पर्याप्त पूंजी है।”

एंट समूह को “अपने क्रेडिट, बीमा, धन प्रबंधन और अन्य वित्तीय व्यवसायों को कानून के अनुसार संशोधित करना चाहिए और अपने प्रतिभूति व्यवसाय के लिए भरोसेमंद बनाना चाहिए”।

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इस पर एंट समूह ने कहा, सभी नियामक आवश्यकताओं पर काम में सुधार के लिए वर्कफोर्स लगाई है। चीन के शीर्ष बाजार नियामक ने अलीबाबा द्वारा कथित रूप से विरोधी प्रतिस्पर्धा प्रथाओं की जांच शुरू कर दी है।

बाजार विनियमन के लिए ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी द्वारा कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी मामलाें की जांच शुरू कर दी हैं। स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन फॉर मार्केट रेगुलेशन ने कहा कि वह अलीबाबा की “दो में से एक” चुनने की नीति पर जांच कर रहा है।

इस नीति के तहत व्यापारियों को विशेष रूप से अलीबाबा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री करने और प्रतिद्वंद्वियों को जेडी डॉट कॉम पर बेचने के लिए मजबूर करने का आरोप है।

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