क्या कर्ज लेना अब नहीं रही बुरी बात? चौंकाने वाला है ये आंकड़ा!

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द लीडर हिंदी : उधार कहें या कर्ज की बात करें अगर किसी पुराने आदमी से इस मुद्दे पर आप बात करेंगे तो आपको ये सलाह जरुर देंगे कि कर्ज बहुत ख़राब चीज होती है। आम तौर पर लोग इसे बुरा भी मानते है लेकिन आधुनिक दौर में देंखे तो आम हो या खास, छोटा हो या बड़ा सभी को कर्ज की जरुरत है। कोई बैंक से लोन लेकर घर बनवाता है तो कोई कर्ज लेकर अपने वव्यापार को बढ़ाने में लगा हुआ है।
कुछ लोगों ने तो कर्ज लेकर इतना व्यापार बढ़ा लिया कि उन्हें अब अपने देश की जरूरत ही नही बाहर किसी दुसरे देश की नागरिकता लेकर मजे से जी रहे हैं। अब बात देश की आई है तो अपने आप ही मन में सवाल आता है कि ये नागरिकों का कर्ज लेना तो समझ आता है लेकिन जब देशों के कर्ज में डूबा होने की खबर आती है तो वो समझ से बाहर रहती है और कर्ज में भी देशों का भी वही आम आदमी वाला हाल है। जो जितना बड़ा देश उस पर उतना कर्ज अब अमेरिका को ही देख लीजिए, एक अखबर की रिपार्ट के अनुसार अमेरिका पर अभी कुल कर्ज 31.46 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 2 हजार 600 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। और ये कर्ज अचानक से नहीं बढ़ा है , बल्कि साल दर साल इसमें इजाफा हुआ है। 2001 के आंकड़ों पर नजर डालें तक देश पर 479 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था। 2008 में ये बढ़कर 826 लाख करोड़ रुपये हो गया।
2017 तक कर्ज में जबरदस्त इजाफा हुआ। तो इसकी रकम बढ़कर 1670 लाख करोड़ पहुंच गई। उस वक्त बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति हुआ करते थे। इसके बाद जब डोनाल्ड ट्रम्प का शासन आया तो 2020 में ये कर्ज बढ़कर 2224 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। और अब ये 31.46 ट्रिलियन डॉलर हो गया है।
इस हिसाब से देखें तो अभी अमेरिका के हर नागरिक पर करीब 94 हजार डॉलर का कर्ज है। अमेरिका के भारी भरकम कर्ज का आंकड़ा आसान शब्दों में समझें तो अभी भारत की कुल जीडीपी जितनी है, उसका 10 गुना ज्यादा अमेरिका पर कर्ज है। भारत ही नहीं, चीन, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन जैसे बड़े देशों की कुल जीडीपी से भी ज्यादा कर्ज अमेरिका पर है।
अब अमेरिका जैसे देशों पर कितना कर्ज है ये बताने के पीछे का हमारा ये उद्देश्य बिलकुल नहीं कि आप कर्ज लेना शुरू कर दें लेकिन ये पूछने का प्रयास जरुर है कि मौजूदा दुनिया में क्या अब कर्ज या उधार बुरी बात नहीं रही ?