किर्गिस्तान में भारतीय और पाकिस्तानी छात्रों को जान का खतरा, घर से बाहर ना निकलने की एडवाइज़री जारी

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द लीडर हिंदी: मध्य एशियाई देश किर्गिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करने गए छात्रों के सिर पर मौत का खतरा मंडरा रहा है. मिली जानकारी के मुताबीक यहां भारतीय और पाकिस्तानी छात्रों की जान खतरे में पड़ गई है. दरअसल किर्गिस्तान से खबर आई है कि वहां स्थानीय लोगों ने तीन पाकिस्तानी छात्रों को पीट-पीटकर मार डाला है. जिसको लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में पाकिस्तानी छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि देश में मौजूद पाकिस्तान के राजदूत को हर तरीके़ से छात्रों की मदद करने का आदेश दिया है. वहीं किर्गिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत हसन ज़ैगम ने कहा है कि दूतावास स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में है और पाकिस्तानी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही है. इधर भारत ने भी किर्गिस्तान में अपने छात्रों के लिए सलाह जारी की है और उन्हें घरों से बाहर न निकलने को कहा है.आपको बता दें कि भारतीय और पाकिस्तानी दिखने में एक जैसे लगते हैं, इसलिए भारतीय छात्रों के लिए भी खतरा पैदा हो गया है. ऐसे हालात में भारतीय विदेश मंत्रालय ने किर्गिस्तान में रहने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है और उन्हें घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी है.

जानिए इस मसले पर भारत ने क्या कहा?

आपको बता दें चले किकिर्गिस्तान में भारतीय दूतावास ने अब से थोड़ी देर पहले ट्वीट कर कहा है कि दूतावास वहां रह रहे भारतीय छात्रों के साथ संपर्क में है.दूतावास ने लिखा, “फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है लेकिन छात्रों को सलाह दी जाती है कि वो घरों में ही रहें. अगर कोई मुश्किल आए तो दूतावास से संपर्क करें.” दूतावास ने एक हेल्पलाइन नंबर 0555710041 भी जारी किया है और कहा है कि ये लाइन चौबीसों घंटे खुली रहेगी. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा है कि “बिश्केक में भारतीय छात्रों की स्थिति पर हम नज़र बनाए हुए हैं. स्थिति अभी शांतिपूर्ण है लेकिन छात्रों को घरों से बाहर न निकलने और दूतावास के साथ संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है.

बता दें कि 1991 में किर्गिस्तान के एक स्वतंत्र देश बनने के बाद साल 1992 में भारत ने उसके साथ कूटनीतिक रिश्तों की शुरुआत की थी. भारत ऐसा करने वाले चंद पहले मुल्कों में शामिल था.किर्गिस्तान में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने जाते हैं. कोविड महामारी के दौरान वंदे भारत मिशन के तहत वहां से क़रीब 14 हज़ार भारतीय छात्रों को बाहर निकाला गया था, इनमें ज्यादातर छात्र थे. बिश्केक में मौजूद भारतीय दूतावास के मुताबीक किर्गिस्तान में क़रीब 17,400 भारतीय छात्र पढ़ाई करते हैं.

पाकिस्तानी दूतावास ने क्या कहा?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने बिश्केक में पाकिस्तानी छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की है. उन्होंने कहा है, “दूतावास को हर तरीके़ से छात्रों की मदद करने का आदेश दिया गया है. मेरा ऑफ़िस दूतावास के संपर्क में बना हुआ है और लगातार स्थिति पर नज़र बनाकर रखी जा रही है.”पाकितानी विदेश मंत्रालय ने आपात स्थिति में मदद के लिए किर्गिस्तान में पाकिस्तान के दूतावास के कई नंबर जारी किए हैं. साथ ही इस्लामाबाद के भी दो नंबर जारी किए गए हैं. मंत्रालय ने कहा है कि इन नंबर पर लगातार एक्टिव रहेंगे और किसी भी वक्त इन पर संपर्क किया जा सकता है.वहीं पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि किर्गिस्तान में छात्रों पर भीड़ के हमला करने की ख़बरें बेहद चिंताजनक हैं.

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “हमने किर्गिस्तान में अधिकारियों से संपर्क किया है ताकि पाकिस्तानी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. मैंने किर्गिस्तान में राजदूत से भी कहा है कि वो छात्रों की पूरी तरह से मदद करें.”ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह में सूचना सलाहकार बैरिस्टर सैफ़ के हवाले से पाकिस्तानी न्यूज़ आज ने लिखा है कि क़रीब 10 हज़ार पाकिस्तानी छात्र किर्गिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करते हैं.

इस घटना पर किर्गिस्तान में मौजूद पाकिस्तान के राजदूत हसन अली ज़ैगम ने लिखा, “बिश्केक में छात्रों के हॉस्टल के बाहर हो रही हिंसा के मद्देनज़र दूतावास ये हिदायत देता है कि बिश्केक में रह रहे सभी पाकिस्तानी छात्र स्थिति के सामान्य होने तक अंदर ही रहें.”छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं.दूतावास ने दो इमर्जेंसी नंबर भी जारी किए हैं और कहा है कि आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है.

जानिए क्या है पूरा मामला?
बतादें कि बिश्केक में आख़िर छात्रों पर हमले क्यों हो रहे हैं, इसे लेकर किर्गिस्तान में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास ने फ़ेसबुक पर विस्तृत जानकारी दी है.दूतावास ने कहा है कि शुक्रवार शाम से बिश्केक में भीड़ के विदेशी छात्रों के ख़िलाफ़ हिंसा करने की ख़बरें मिल रही हैं.किर्गिस्तान के मीडिया के अनुसार ये मामला 13 मई की घटना से जुड़ा है जब मिस्र के कुछ मेडिकल छात्रों और कुछ किर्गी छात्रों के बीच कहासुनी हो गई थी. दोनों गुटों के बीच झड़प हुई और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जाने लगा जिसके बाद यहां हिंसा बढ़ी. दूतावास के अनुसार- “अब तक बिश्केक में मौजूद कुछ मेडिकल यूनिवर्सिटीज़ और घरों पर हमले हुए हैं जहां विदेशी छात्र रहते हैं, इनमें पाकिस्तानी छात्र शामिल हैं. इन हॉस्टलों में अधिकतर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के छात्र रहते हैं.कुछ पाकिस्तानी छात्रों को मामूली चोट आने की ख़बरें हैं. सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी छात्रों की मौत और उनके बलात्कार की ख़बरें पोस्ट की जा रही हैं लेकिन अब तक हमें इससे जुड़ी पुष्ट ख़बरें नहीं मिली हैं.”