इमरान ने एक दिन में ही रद्द किया भारत से चीनी कपास लेने का फैसला

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इस्लामाबाद

भारत-पाक रिश्तों पर जमी बर्फ कुछ पिघलने लगी थी लेकिन सत्ता की सियासत इसके हक़ में नहीं लगती। एक दूसरे के खिलाफ नफरत से कुर्सी पाने वाले कुर्सी हिलाने वाले सियासतदां दोनों तरफ हैं। कल ही पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार को लेकर एक बड़ा फैसला लिया था और 24 घंटे में ही उसे रद्द कर दिया गया। आधिकारिक तौर पर नए फैसले की वजह नहीं बतायी गई है। बुधवार को आर्थिक मामलों से जुड़ी एक कैबिनेट की समिति ने भारत के साथ व्यापार की मंजूरी दी थी।

पाकिस्तान में महंगाई की मार कम करने के किये आर्थिक मामलों की कैबिनेट कॉर्डिनेशन कमेटी ने भारत से चीनी और कपास आयात क़रने  की राय दी। तय हुआ था पाकिस्तान 2021 जून तक भारत से कपास का आयात कर सकेगा। बुधवार को कैबिनेट कॉर्डिनेशन कमेटी ने एक रिपोर्ट पेश की थी जिसमें भारत के साथ कपास और चीनी का व्यापार दोबारा शुरू करने की अपील की गई थी। इस अपील को मंजूरी मिल गई, जिसके बाद अब पाकिस्तान आधिकारिक रूप से भारत के साथ व्यापार को फिर से शुरू करने की तैयारी में था। पाकिस्तान के नए वित्त मंत्री हममाद अजहर ने कहा था कि इकॉनोमिक कॉर्डिनेशन कमेटी मे भारत से 0.5 मिलिटन चीनी और कपास आयात करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि भारत में चीनी की कीमत बहुत कम है इसलिए हम भारत से इसे आयात करने का फैसला लिया ।

बता दें कि अगस्त 2019 में जब भारत ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर विशेष राज्य का दर्जा खत्म किया था। अपना विरोध जताते हुए पाकिस्तान ने भारत के साथ ट्रेड बंद कर दिया था। 19 महीने से दोनों देशों के बीच व्यापार ठप पड़ा था। वहीं दूसरी ओर भारत ने भी पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाली वस्तुओ पर 200 प्रतिशत तक ड्यूटी लगा दी थी।
इमरान खान सरकार के इस फैसले से कई विपक्षी नेता और पत्रकारों ने जमकर आलोचना की। कई नेताओं ने इमरान खान के इस फैसले को यू-टर्न और कश्मीर संबंधित मामले पर समझौता करना बताया है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएलएम-एन) ने सवाल किया है कि क्या भारत ने कश्मीर को लेकर अपना रुख बदल दिया है ? अगर ऐसा नहीं है तो इमरान खान ने यू – टर्न क्यों ले लिया? इसी दबाव के बीच गुरुवार को फिर कैबिनेट की बैठक बुला कर इस फैसले को वापस ले लिया गया।

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