होली पर भांग पीने का है प्लान…तो जान लें ये आफ्टर इफेक्ट्स

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द लीडर हिंदी : होली का त्योहार रंगों और मस्ती का त्योहार है. पारंपरिक तौर पर होली पर बड़े पैमाने पर लोग भांग का सेवन करते हैं. वैसे भी भांग का सेवन भारत में प्राचीन काल से हो रहा है. इसे हमारी संस्कृति का हिस्सा भी माना जाता है. ड्राइफूट्स के साथ भांग को पीसकर बनाई जाने वाली दूध की ठंडाई काफी लोकप्रिय है. कहा जाता है भांग का सरूर कुछ अलग ही होता है. जानते हैं कि भांग का नशा किस तरह बॉडी पर कम या ज्यादा असर दिखाता है. ये नशा कितनी देर तक बना रहता है. होली के दौरान भांग का इस्तेमाल ठंडाई और मिठाई में ज्यादा होता है. भांग का दूसरे नशा की तुलना में अलग तरह का होता है, क्योंकि ये काफी हद तक शरीर के तंत्र पर आपकी पकड़ को खत्म कर देता है. होली पर सबसे ज्‍यादा भांग बिकती है. इस मौके पर भांग के कई पकवान बनते हैं. जैसे भांग के पकौड़े, भांग की ठंडाई आदि. भांग में नशा होता है. ऐसे में लोग भांग पीकर ऐसे-ऐसे नाटक करते हैं जिसकी किसी ने कल्‍पना तक नहीं की होती.अगर आप होली पर पहली बार भांग ठंडाई पीने जा रहे हैं तो जान लें इसके कुछ आफ्टर इफेक्ट्स भी.

आफ्टर इफेक्ट्स
होली रंगों के साथ-साथ मौज-मस्ती का त्योहार है.होली का त्योहार मतलब ढेर सारी मस्ती और खानपान. इस दौरान अलग-अलग के व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलता है. लोग जमकर गुजिया और मालपुए खाते हैं. इसके अलावा होली पर bhang thandai पीने का भी चलन है. अगर आप भी इस होली भांग वाली ठंडाई पीने वाले हैं तो इसे पीने से पहले जाने क्या होता है. आखिर भांग पीने के बाद क्‍या होता है. इसका असर कैसे दिखाई देता है. हम बताते हैं.

बतादें- सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि भांग पीने के बाद व्‍यक्ति जो भी काम करना शुरू करता है, उसे ही बार-बार करता जाता है.

वही मुंह और जीभ का टेस्ट कड़वा हो जाता है. कुछ भी खाने पर उसका टेस्ट ही महसूस नहीं होता.

सोने पर ऐसा लगता है कि बिस्तर से ऊपर उड़ रहे हैं. जो भांग का ज्यादा नशा कर लेते हैं, उन्‍हें अगले दो-तीन दिन ऐसा लग सकता है.

भांग का नशा फौरन नहीं होता. इसे असर में आने में दो से तीन घंटे लग जाते हैं. लेकिन ये जब चढ़ना शुरू करता है तो चढता ही जाता है.

शरीर का नियंत्रण खत्म होने लगता है. लोग या तो लगातार हंसते रहते हैं या रोते रहते हैं.

कई बार हो सकता है कि ज्यादा भांग खाने की वजह से कुछ समय के लिए व्यक्ति कुछ भी पहचानने या याद रखने की स्थिति में न रहे.

भांग का पहला दुष्प्रभाव या आफ्टर इफेक्ट स्नैक्स के लिए अनियंत्रित क्रेविंग्स होती है. अक्सर भांग पीने के बाद व्यक्ति की खाने की इच्छा बढ़ती जाती है, जिसकी वजह से वह लगातार खाने लगता है.

भांग का नशा निराला होता है.भांग पीने के बाद अक्सर व्यक्ति लगातार हंसने या रोने लगता है. दरअसल, भांग पीने के बाद शरीर में डोपामाइन हार्मोन यानी हैप्पी हार्मोन घटने या बढ़ने लगते हैं, जिससे व्यक्ति लगातार हंसने या रोने लगता है.

भांग में सुस्ती और आलस उत्पन्न करने की क्षमता होती है, जिसकी वजह से आपको तेज नींद आ सकती है. हालांकि, इसकी वजह से आपको बाद में घबराहट हो सकती .

अगर आप होली पर भांग वाली ठंडाई पीने का मन बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि इसकी वजह से आपको चक्कर आ सकते हैं या फिर आपका सिर घूम सकता है.

बता दें भांग ठंडाई पीने के बाद कुछ लोगों को मेमोरी लॉस की समस्या भी हो सकती है.इसके ज्यादा सेवन से दिमाग पर धुंध छा जाती है, विचार धुंधले हो जाते हैं और याददाश्त कमजोर हो जाती है.

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