इस बार बहुत खास होगी सियाचीन ग्लेशियर में होली….जानें कैसे

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द लीडर हिंदी : घर परिवार से दूर जवानों की होली के रंग बेरंग होते है. वो सारे त्योहार देश की सरहदों पर कुरबान कर देते है. लेकिन इस बार सियाचिन ग्लेशियर में होली खास होगी. क्योकि 23 मार्च को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सियाचिन जाएंगे.वो जवानों के साथ होली मनाएंगे.बता दें दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में सेवारत सैनिकों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सियाचिन ग्लेशियर का दौरा करेंगे और वहां तैनात सैनिकों के साथ होली मनाएंगे. सियाचिन ग्लेशियर एक रणनीतिक सैन्य चौकी है और दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण इलाकों में से एक है. मंत्री के दौरे को लेकर फिलहाल तैयारियां चल रही हैं.

रक्षा मंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. यह पहली बार नहीं है जब मंत्री राजनाथ सिंह सैन्य चौकी का दौरा करेंगे. बता दें 2019 में उन्होंने सियाचिन का दौरा किया था. उन्होंने सैनिकों के साथ बातचीत की और उनके अनुभवों और चुनौतियों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त की और उन्हें वहां सैनिकों के कल्याण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया.वही पिछली यात्रा में केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की थी कि ग्लेशियर पर्यटन के लिए खुला है.

हिमालय के पूर्वी काराकोरम पर्वत श्रंखला में स्थित
आपको बता दें कि सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र है. यह हिमालय के पूर्वी काराकोरम पर्वत श्रंखला में स्थित है, जहां भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा समाप्त होती है.वही उंचाई पर होने की वजह से यहां तैनात जवानों को आम दिनों में भी तेज बर्फिली हवाओं का सामना करना पड़ता है. यहां का तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला जाता है, और भूस्खलन और हिमस्खलन आम बात हो जाती है.बतादें 1984 में सियाचिन ग्लेशियर पर पाकिस्तानी सेना को हरा कर चोटी पर कब्जा करने के लिए ऑपरेशन मेघदूत लॉन्च किया गया था. यहां तब से ही भारतीय सेना का नियंत्रण है.

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