यूपी में पीएम किसान सम्मान निधि में सामने आया फर्जीवाड़ा, 3 लाख किसानों से होगी वसूली

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द लीडर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पसंदीदा योजनाओं में से एक पीएम किसान सम्मान निधि में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. यूपी में अब तक की जांच में 3 लाख 15 हजार लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं. इस मामले को संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव ने जांच के आदेश दे दिए हैं. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में सरकार की ओर से पैसे भेजे जाते हैं.

क्या है मामला?

दरअसल प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक पीएम किसान सम्मान निधि में फर्जीवाड़ा सामने आया है इसको लेकर यूपी सरकार सतर्क दिखाई दे रही है क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम मोदी के आदर्शों पर चलने की बात करते हैं. मुख्य सचिव ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं. इसके साथ ही सचिव की तरफ से जिलों में लाभार्थियों के पात्रता की जांच के आदेश भी दिए गए हैं.

आंकड़ों के मुताबिक अब तक प्रदेश में 2.55 करोड़ किसानों को एक बार किसान सम्मान योजना का लाभ मिल चुका है. इसमें मे 6.18 लाख किसान ऐसे हैं जिनकी डेटाबेस में आधार संख्या गलत दर्ज की गयी है. ऐसे में अब इनको इस योजना की दूसरी किश्त नहीं मिल सकती. हांलाकि शासन की तरफ से जांच को आगे बढ़ाने के निर्देश दिये गये हैं.


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31 तक केवाईसी अपडेट कराएं

केंद्र सरकार ने पीएम सम्मान निधि के सभी लाभार्थियों का ईकेवाईसी 31 मई तक कराने के निर्देश दिए हैं. अभी तक सिर्फ 53 फीसदी लाभार्थियों का ही ईकेवाईसी हो सका है। पीएम किसान पोर्टल या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर किसान स्वयं भी निर्धारित शुल्क देकर ईकेवाईसी करा सकते हैं. ऐसा न होने पर उन्हें अगली किश्तें मिलने में दिक्कत होगी. मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम बनाकर आधार इनवेलिड, नाम मिस्मैच तथा नवीन आवेदन पत्रों का सत्यापन 30 जून तक कराएं.

इन किसानों पर जांच के बाद होगी कार्रवाई

गलत तरीके से किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठाने फर्जी किसानों को चिन्हित कर लिया गया है. इस मामले को लेकर जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच के बाद उन पर कार्रवाई की जाएगी. कहा जा रहा है कि इन फर्जी किसानों से योजना के पैसे वसूल किए जाएंगे. तो वहीं ये भी कहा है कि जिन फर्जी किसानों ने इस योजना का लाभ उठा लिया है वो खुद ब खुद पोर्टल के माध्यम से रकम लौटा सकते हैं. मुख्य सचिव ने आदेश दे दिए हैं कि इन किसानों से योजना के पैसे वसूल करके केंद्र सरकार के खाते में वापस ट्रांसफर किए जाएं.

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