दिल्ली दंगा : दिल्ली हाईकोर्ट ने रवीश कुमार के शो में चलाए गए वीडियो को आधार बनाकर तीन आरोपियों को दी जमानत

Delhi Riot High Court Ravish Kumar

द लीडर : दिल्ली दंगे के आरोप में बंद तीन आरोपियों को जमानत देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीटीवी के एक वीडियो को आधार बनाया है. अदालत ने कहा कि दिखाए गए वीडियो में जुनैद, चांद मुहम्मद और इरशाद के खिलाफ प्रत्यक्ष, परिस्थितिजन्य या फॉरेंसिंक, किसी तरह के सबूत नहीं हैं. ये वीडियो रविश कुमार ने अपने प्राइम टाइम कार्यक्रम में चलाया था. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक तीनों आरोपियों को न्यायालय ने जमानत दे दी है.

पिछले साल फरवरी 2020 में दिल्ली में पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़क गए थे. दिल्ली पुलिस ने जुनैद, चांद मुहम्मद और इरशाद को गिरफ्तार किया था, जो अभी जेल में बंद हैं. इस आरोप के साथ कि तीनों एक मकान के छत पर थे और गोली लगने से शाहिद की मौत हो गई थी.

आरोपियों की ओर से अदालत में पेश वकील सलीम मलिक ने उनके बचाव में एनडीटीवी का वो वीडियो पेश किया था. जिसके आधार पर अदालत ने माना कि आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं बनते हैं.


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दिल्ली में भड़के इन दंंगों में करीब 53 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे. इसके साथ ही बड़े पैमानों पर लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा था. मकान, दुकानें जला दी गई थीं.

इसलिए भड़का था दंगा

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में आंदोलन चल रहा था. दिल्ली के शाहीन बाग के बाद ये आंदोलन दिल्ली के अन्य क्षेत्रों तक फैला. इसी को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो दंगों तक जा पहुंचा था. दंगें और उसके बाद कार्रवाई को लेकर पुलिस की भूमिका पर लगातार सवाल उठते रहे हैं. और इसको लेकर समय-समय पर आलोचना होती रही है.


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