UP Election 2022: सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर से चुनावी मैदान में उतरे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद

द लीडर। सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर से चुनावी मैदान में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उतर गए है। जी हां गोरखपुर में चंद्रशेखर आजाद सीएम योगी के गढ़ में गोरखपुर सदर सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसी सीट से सीएम योगी आदित्यनाथ मैदान में हैं।


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इनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगे आजाद

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि, उनकी पार्टी कुछ लोगों के सामने अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी जिनमें प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर, राष्ट्रीय लोक दल के प्रमुख जयंत चौधरी और स्वामी प्रसाद मौर्य के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि, अगर अखिलेश यादव चुनाव लड़ते हैं तो पार्टी उनके सामने प्रत्याशी नहीं उतारेगी।

पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रहे योगी

योगी आदित्यनाथ भी पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं। वो 2017 में मुख्यमंत्री बनने से पहले तक लोकसभा के सदस्य थे। योगी 1998 में पहली बार गोरखपुर से लोकसभा सांसद चुने गए। वो लगातार 5 बार से गोरखपुर से लोकसभा का चुनाव जीते। लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने विधानपरिषद की राह चुनी।


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योगी पर ‘जनता को तबाह’ करने का आरोप

चंद्रशेखर आज़ाद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर ‘जनता को तबाह’ करने का आरोप लगाया है और एलान किया है कि, विधानसभा चुनाव में वो गोरखपुर सीट पर मुख्यमंत्री को चुनौती देंगे।

चंद्रशेखर आज़ाद के मुताबिक, उनकी पार्टी छोटे दलों को एकजुट करते हुए 403 विधानसभाओं पर चुनाव लड़ेगी। चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि, उनकी पार्टी कितनी कामयाब होगी, ये जनता तय करेगी।

चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि, वर्तमान मुख्यमंत्री जिन्होंने साढ़े चार साल-पौने पांच साल उत्तर प्रदेश की जनता को तबाह कर दिया। निर्दोष लोगों पर मुकदमे लगाए। जाति देखकर बुलडोज़र चलाए। तमाम बहनों के साथ हाथरस जैसा मामला हुआ। उन्नाव, प्रयागराज जैसा मामला हुआ। तमाम गोलियां चलीं, सीएए और एनआरसी में और 20 लोगों की जान ले ली गई।

विपक्षी दलों को भी कठघरे में किया खड़ा

उन्होंने सिर्फ़ सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ही नहीं बल्कि सभी विपक्षी दलों को भी कठघरे में खड़ा किया और दावा किया कि, बीते पांच साल के दौरान किसी दल ने जनता के किसी मुद्दे को नहीं उठाया और न ही उनके लिए संघर्ष किया।


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