तीरथ ने संभाली कुम्भ की यजमानी, 120 करोड़ के कामों का लोकार्पण

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ज्योति एस द लीडर हरिद्वार।

हरिद्वार कुम्भ के मुख्य यजमान अब त्रिवेंद्र सिंह और पूर्व नगर विकास मंत्री मदन कौशिक नहीं बल्कि नए मुख्यमंत्री तीरथ रावत और केंद्रीय मंत्री व इस क्षेत्र के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक हैं। रावत ने आज अब तक के 120 करोड़ के कामों का लोकार्पण कर पुराने यजमानों की धुकधुकी शांत कर उन पर अपनी मोहर लगा दी है और निशंक को भी इन कामों में अब कोई गड़बड़ नहीं दिख रही है।
शनिवार को नए मुख्यमंत्री ने हरिद्वार जाकर गंगा आरती की, कामों को देखा और जनता को समर्पित कर दिया। मीडिया में प्रसारित, प्रकाशित विज्ञापनों के हिसाब से मैन होल बदलने तक के काम का लोकार्पण हो गया।
कल ही कुम्भ के अधिकारी कह रहे थे अभी जंजीरें तक नहीं लगी। हर की पैड़ी के कामों पर तो खुद निशंक ने भी सवाल उठाए। अखाड़े और संत पहले ही शांत हो गए थे । कुछ और व्यवस्थाएं होने से आज अपनी खुशी जाहिर करते दिखे। गंगा सभा भी चुप है, मतलब संतुष्ट है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत शनिवार को दिल्ली से लौटे और जौलीग्रांट एयरपोर्ट ही से कार से हरिद्वार चले गए। हरकी पैड़ी पर पहुंचे और गंगा की अर्चना की।

इसके बाद मीडिया सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, राज्यमंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, ज्वालापुर विधायक सुरेश राठौर भी थे। वहीं 120 करोड़ रुपये के कुंभ कार्यों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ 12 साल में आता है। मन में एक ही बात थी कि श्रद्धालुओं की मन का भय दूर करना है। इसलिए सभी पाबंदी हटाने का निर्णय लिया। केवल मास्क, फिजिकल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन जैसे सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। इसके बाद उन्होंने अपने बाकी काम गिनाए। बोले
श्रद्धालु स्वतंत्र मन से आएं और स्वतंत्र मन से जाएं, इसके लिए अतरिक्त बसे चलाई जाएंगी।

केंद्रीय मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह जमीन से जुड़े नेता और कार्यकर्ता हैं। मुख्यमंत्री ने देश को सकारात्मक संदेश दिया कि वे कोरोना काल में कुंभ का भव्य और दिव्य आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि ये बड़ी चुनौती के साथ स्वयं को साबित करने का अवसर भी है। उन्हें भरोसा है कि देशभर के श्रद्धालु कुंभ में कोविड नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित स्नान करेंगे।

डा. निशंक ने कहा तीरथ सिंह रावत के नेतृत्व में उनकी टीम और अधिकारी कुंभ का सफल आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में कोरोना काल का सबसे बड़ा उत्सव मनाया जाएगा।
मेलाधिकारी दीपक रावत और मेला आईजी संजय गुंज्याल ने बैरागी कैंप पहुंचकर अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणी अखाड़ों में तीनों श्रीमहंतों से मेले की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। संतों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री की उदासीनता के चलते बैरागी कैंप में भूमि आवंटन और अन्य कार्य नहीं हो पाए थे। जिससे संतों के शिविर नहीं लग पाए। उन्होंने मेला प्रशासन से मांग की कि रात-दिन कार्य करवाकर दस दिन के भीतर सुविधाएं मुहैया कराएं।

श्रीपंच निर्मोही अणी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास ने कहा कि मेला प्रशासन की ओर से संतों के लिए शिविर, बिजली, पानी, शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। जैसे-जैसे वैरागी संत और खालसे आगमन करते हैं उनको भूमि आवंटित की जाए ताकि संत टेंट लगा सकें।
मेला अधिकारी दीपक रावत ने कहा कि तीनों वैष्णव अखाड़ों को भूमि आवंटन हो गया। सड़क, बिजली, पेयजल, शौचालय आदि सुविधाएं प्रदान की जा रही है। कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल ने कहा कि संतों की सेवा के लिए 24 घंटे तत्पर हैं। इस दौरान जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य, महंत गौरीशंकर दास, महंत रामशरणदास, महंत रामजीदास, महंत रामकिशोर दास शास्त्री, महंत मनीष दास, महामंडलेश्वर भगवानदास खाकी, महंत मोहनदास खाकी, महंत रामप्रवेश दास, महंत हरिदास, महंत ऋषिकुमार दास, महामंडलेश्वर सरजूदास महात्यागी, महामंडलेश्वर आरीदास, महामंडलेश्वर भैयाजी आदि मौजूद रहे।

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