बहनें राखी बांधती हैं और भाई अपनी हमवतन बहनों की बोलियां लगाते हैं-ऐसा देश है मेरा…
द लीडर : ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है-बढ़ता है तो मिट जाता है. ख़ून फिर ख़ून है टपकेगा तो जम जाएगा… साहिर लुधियानवी ने ज़ुल्म की ये जो औक़ात बतलाई है…
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मणिपुर में 3 बार भूकंप के झटकों से दहला इलाका, लोग दहशत में घरों से बाहर भागे
Ansh Mathur
- May 28, 2025
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